उदयपुर शहर से सटे भीलों का बेदला गांव में बुधवार रात करीब 8:30 बजे वन विभाग द्वारा लगाए गए पिंजरे में एक लेपर्ड कैद हो गया. पिछले कुछ दिनों से इलाके में लेपर्ड की आवाजाही से ग्रामीणों में दहशत का माहौल था. पिंजरे में लेपर्ड की गुर्राहट सुनते ही मौके पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई.
सीसीटीवी में कैद हुए थे दो लेपर्ड, पिल्लों को बनाया था शिकार
गांव में लेपर्ड का आतंक इस कदर था कि 6 अगस्त की मध्यरात्रि (12:36 बजे) सरकारी स्कूल के पास रहने वाले प्रकाश गमेती के घर में दो लेपर्ड एक साथ घुस आए थे. घर के आंगन से लेपर्ड दो पिल्लों को उठाकर ले गए थे. सुबह पिल्लों के गायब मिलने पर जब प्रकाश गमेती ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले, तो उसमें दो लेपर्ड गेट से छलांग लगाकर अंदर आते और पिल्लों को ले जाते हुए दिखे.
इसके बाद ग्रामीणों ने तुरंत वन विभाग को सूचना दी. मामले की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग की टीम ने इलाके में गश्त बढ़ाई और लेपर्ड को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाया, जिसमें बुधवार रात सफलता मिली.
100 घरों की बस्ती में बना हुआ है डर का माहौल
उदयपुर-पिंडवाड़ा हाईवे के पास बसे करीब 100 घरों के इस भीलों का बेदला गांव से सटी हुई पहाड़ियां हैं, जिसके कारण यहां अक्सर हिंसक वन्यजीव आ जाते हैं. स्थानीय निवासी प्रकाश गमेती ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज में दो लेपर्ड साथ नजर आए थे, यानी अभी भी इलाके में एक और लेपर्ड की आवाजाही बनी हुई है.
इससे पहले, करीब दो महीने पूर्व गांव के मोहन गमेती के घर में घुसकर लेपर्ड ने 5 बकरियों का शिकार किया था. एक लेपर्ड के पकड़े जाने से ग्रामीणों ने थोड़ी राहत की सांस ली है, लेकिन दूसरे लेपर्ड के खुले में घूमने की आशंका से अभी भी भय व्याप्त है. ग्रामीणों ने वन विभाग से इलाके में पिंजरा लगाए रखने और गश्त जारी रखने की मांग की है.

