डूंगरपुर पर्यावरण संरक्षण के प्रतीक और लोक-आस्था के पर्व ‘हरियाली अमावस्या’ के उपलक्ष्य में डूंगरपुर शहर में तीन दिवसीय मेले का भव्य आगाज हुआ. बुधवार शाम 6 बजे से शुरू हुए इस मेले को लेकर पूरे शहर में अभूतपूर्व उत्साह देखा जा रहा है. आयोजन को खास और यादगार बनाने के लिए नगर परिषद की ओर से शहर के प्रमुख उद्यानों, पर्यटन स्थलों और चौराहों पर आकर्षक दूधिया रोशनी की गई है, जिससे पूरा डूंगरपुर शहर जगमगा उठा है.

परिषद के दोनों उद्यानों में नि:शुल्क प्रवेश
मेले के दौरान आमजन और विशेषकर बच्चों के मनोरंजन को ध्यान में रखते हुए नगर परिषद ने बड़ा निर्णय लिया है. परिषद के नियंत्रण वाले दोनों प्रमुख उद्यानों में शहरवासियों और पर्यटकों के लिए प्रवेश पूर्णतया नि:शुल्क रखा गया है.
गेपसागर झील और ऐतिहासिक धरोहरों पर बिखरी अनोखी छटा
मेले के पहले दिन ऐतिहासिक गेपसागर झील की पाल, बादल महल और फतेहगढ़ी परिसर में भव्य सजावट देखने को मिली.
- नाना भाई पार्क: बच्चों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बने इस पार्क में पक्षियों का जू और मनोरंजन के विविध साधन आम जनता के लिए पूरी तरह नि:शुल्क उपलब्ध कराए गए हैं.
- फतेहगढ़ी व भारत माता मंदिर: फतेहगढ़ी स्थित म्यूजिकल फव्वारे और भारत माता मंदिर को भव्य रोशनी से सजाया गया है, जो श्रद्धालुओं और पर्यटकों को खासा लुभा रहा है.
पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश
नगर परिषद के निर्देशानुसार शहर के सभी प्रमुख चौराहों, बाग-बगीचों और ऐतिहासिक स्थलों को विशेष लाइटों से सजाया गया है. तीन दिनों तक चलने वाले इस उत्सव के जरिए शहरवासियों को प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लेने और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक होने का संदेश भी दिया जा रहा है. मेले को लेकर स्थानीय निवासियों में भारी उत्साह है और शाम ढलते ही प्रमुख स्थलों पर लोगों की भीड़ उमड़ रही है.

