बांसवाड़ा जिले के कुशलगढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत पोटलिया गांव में गुरुवार रात एक बेहद दर्दनाक हादसा सामने आया है. रसोई गैस सिलेंडर में अचानक लगी भीषण आग की चपेट में आने से एक ही परिवार के चार लोग गंभीर रूप से झुलस गए. इलाज के दौरान तीन साल के मासूम बच्चे की मौत हो गई, जबकि बड़े बेटे की नाजुक हालत को देखते हुए उसे उदयपुर रेफर किया गया है.
खाना बनाने के दौरान अचानक भड़की आग
कुशलगढ़ थाने के एएसआई भरत पाटीदार ने बताया कि पोटलिया गांव निवासी रामा पुत्र धूला खड़िया (26 वर्ष) के घर में एक खाली गैस सिलेंडर रखा था, जिसमें से हल्की गैस लीक हो रही थी. रात करीब 8 बजे रामा की पत्नी ईलीशा दूसरे सिलेंडर से चूल्हे पर खाना बना रही थी.
इसी दौरान लीकेज गैस के संपर्क में आने से अचानक आग भड़क उठी. देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और कमरे में मौजूद माता-पिता व उनके दो मासूम बच्चे उसकी चपेट में आ गए.
ग्रामीणों के साहस से फटने से बचा सिलेंडर
हादसे के बाद मची चीख-पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे. ग्रामीणों ने अदम्य साहस और सूझबूझ का परिचय देते हुए जलते हुए गैस सिलेंडर को घर से खींचकर बाहर निकाला, जिससे सिलेंडर ब्लास्ट होने जैसा बड़ा हादसा टल गया और पड़ोस के मकान सुरक्षित बच गए.
मासूम ने तोड़ा दम, दूसरा बेटा उदयपुर रेफर
ग्रामीणों ने एंबुलेंस से घायलों को पहले कुशलगढ़ अस्पताल पहुंचाया, जहां से देर रात उन्हें बांसवाड़ा के महात्मा गांधी (एमजी) अस्पताल रेफर कर दिया गया.
- मासूम की मौत: एमजी अस्पताल में इलाज के दौरान 3 साल के मासूम पुत्र हार्दिक ने दम तोड़ दिया.
- बड़ा बेटा गंभीर: 5 वर्षीय बड़े बेटे अश्विन को गंभीर हालत में उदयपुर रेफर किया गया है.
- माता-पिता का इलाज जारी: पिता रामा और मां ईलीशा का इलाज जारी है.
सूचना मिलने के बाद पुलिस ने अस्पताल पहुंचकर मामले की जांच और कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है.

