उदयपुर रक्षाबंधन के त्योहार को ध्यान में रखते हुए उदयपुर में खाद्य पदार्थों में मिलावट के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई तेज कर दी है. शनिवार सुबह खाद्य सुरक्षा टीम ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए सेक्टर-8 स्थित जड़ाव नर्सरी के पास घेराबंदी कर दूध से भरा एक संदिग्ध टैंकर पकड़ा. इस दौरान टैंकर से करीब 1,600 लीटर अमानक दूध जब्त किया गया, जिसे मिलावट की पुष्टि होने पर तुरंत नष्ट करवा दिया गया.
मुखबिर की सूचना पर घेराबंदी
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. अशोक आदित्य और फूड इंस्पेक्टर अशोक गुप्ता की अगुवाई में टीम ने मुखबिर की सटीक सूचना पर यह कार्रवाई की. जांच में सामने आया कि चित्तौड़गढ़ की ओर से आ रहे इस टैंकर में दो अलग-अलग कंपार्टमेंट बने हुए थे। इनमें से एक हिस्से में 500 लीटर और दूसरे में 1,100 लीटर दूध भरा हुआ था.
कम फैट और मिलावट की आशंका, सैंपलिंग जारी
प्रारंभिक जांच में दूध में फैट की मात्रा काफी कम पाई गई और मिलावट की प्रबल आशंका जताई गई. अधिकारियों ने टैंकर से दूध के सैंपल लेकर जांच के लिए सरकारी प्रयोगशाला भिजवा दिए हैं. लैब रिपोर्ट आने के बाद मिलावट के सटीक घटकों का पता चल सकेगा. फिलहाल, जनस्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए पूरे 1600 लीटर संदिग्ध दूध को मौके पर ही नष्ट करा दिया गया है.
डेयरी सप्लाई नेटवर्क खंगालने में जुटा विभाग
त्योहारों पर शहर में दूध, मावा और पनीर की मांग बढ़ जाती है. विभाग अब इस बात की कड़ियां जोड़ने में जुटा है कि चित्तौड़गढ़ से लाया गया यह मिलावटी दूध उदयपुर शहर की किन-किन प्रमुख डेयरियों और मिष्ठान भंडारों में खपाया जाना था.
सीएमएचओ डॉ. अशोक आदित्य ने स्पष्ट किया कि त्योहारों के मद्देनजर मिलावटखोरों के खिलाफ यह विशेष अभियान आगे भी सख्ती से जारी रहेगा.

