डूंगरपुर जिले के दोवड़ा ब्लॉक स्थित ग्राम पंचायत सत्तु देवकी के राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय (अपर प्राइमरी स्कूल) में सोमवार को एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया. स्कूल समय के दौरान परिसर में स्थित एक पुराने जर्जर कमरे की छत अचानक भरभराकर गिर गई. गनीमत यह रही कि यह कमरा पिछले एक साल से पूरी तरह बंद था, जिससे विद्यालय में मौजूद 120 छात्र-छात्राओं की जान बाल-बाल बच गई.

तेज धमाके से मचा हड़कंप
प्रत्यक्षदर्शियों और स्कूल प्रबंधन के अनुसार, घटना सोमवार सुबह करीब 10 बजे की है. उस समय सभी बच्चे अपनी-अपनी कक्षाओं में पढ़ाई कर रहे थे और शिक्षक अध्यापन कार्य में व्यस्त थे. तभी अचानक जर्जर कमरे की छत ढहने से तेज आवाज हुई. धमाके की आवाज सुनते ही बच्चों और शिक्षकों में अफरा-तफरी मच गई और सभी तुरंत कमरों से बाहर सुरक्षित मैदान में आ गए.
एहतियाती कदम से टली जनहानि
स्कूल प्रशासन ने जानकारी दी कि परिसर के दो कमरे काफी समय से अत्यंत जर्जर स्थिति में थे. बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रबंधन ने एक साल पहले ही इन्हें असुरक्षित घोषित कर उपयोग बंद कर दिया था. यदि समय रहते यह निर्णय न लिया गया होता, तो सोमवार को बड़ा हादसा हो सकता था.
अधिकारियों ने लिया जायजा
घटना के तुरंत बाद शिक्षकों ने पंचायत प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी (PEEO) पंकज वर्मा को सूचित किया. सूचना मिलते ही पीईईओ पंकज वर्मा और मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (CBEO) दीपक शाह मौके पर पहुंचे और क्षतिग्रस्त भवन का निरीक्षण किया.
सीबीईओ दीपक शाह ने बताया कि स्कूल में कुल 10 कमरे हैं, जिनमें से 2 कमरे जर्जर हालत में हैं. एक कमरे की छत ढह चुकी है, जबकि दूसरे की हालत भी चिंताजनक है. उन्होंने बताया कि इन कमरों के पुनर्निर्माण और मरम्मत का प्रस्ताव उच्च अधिकारियों को भेजा जा चुका है. स्वीकृति मिलते ही जल्द से जल्द निर्माण कार्य शुरू करवा दिया जाएगा.

