बांसवाड़ा राज्य में आगामी नगर निकाय और पंचायती राज संस्थाओं के चुनावों को ध्यान में रखते हुए साइबर अपराधियों ने अपनी गतिविधियां तेज कर दी हैं. ठगों द्वारा मतदाताओं, उम्मीदवारों, राजनीतिक कार्यकर्ताओं और चुनाव ड्यूटी में तैनात कर्मचारियों को निशाना बनाने की आशंका को देखते हुए राजस्थान पुलिस ने विशेष एडवाइजरी जारी की है. जिला पुलिस अधीक्षक बांसवाड़ा सुधीर जोशी (IPS) ने आमजन से सतर्क रहने की अपील की है.
साइबर ठगी से बचने के लिए पुलिस की महत्वपूर्ण सलाह
- फर्जी लिंक व संदेशों से सतर्कता: WhatsApp या SMS पर आए “आपका पोलिंग स्टेशन बदल गया है” जैसे संदेशों में दिए अनजान लिंक पर क्लिक करने से बचें.
- गोपनीय जानकारी न करें साझा: चुनाव आयोग का अधिकारी बनकर वोटर कार्ड अपडेट करने के बहाने फोन करने वाले व्यक्तियों को OTP, बैंक डिटेल या UPI PIN कभी न दें.
- सोशल मीडिया सुरक्षा: उम्मीदवार और राजनीतिक कार्यकर्ता अपने Facebook, Instagram, WhatsApp और X (ट्विटर) खातों पर ‘Two-Step Verification’ जरूर चालू रखें.
- QR कोड और चंदे के नाम पर धोखाधड़ी: डोनेशन या राजनीतिक चंदे के नाम पर प्राप्त UPI लिंक व QR कोड की अच्छी तरह जांच करें.
- फेक न्यूज व डीपफेक वीडियो: चुनाव के दौरान सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले फर्जी वीडियो, ऑडियो या भाषणों की सत्यता जांचे बिना उन्हें आगे शेयर न करें.
ठगी होने पर तुरंत करें यह काम
यदि आपके साथ किसी भी प्रकार की साइबर वित्तीय धोखाधड़ी होती है, तो बिना समय गंवाए तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल दर्ज कराएं. इसके अलावा नजदीकी पुलिस स्टेशन या Cyber Crime Reporting Portal पर भी अपनी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है.
चुनाव संबंधी अपडेट, मतदाता सूची में नाम जांचने या मतदान से जुड़ी किसी भी प्रक्रिया की जानकारी के लिए राज्य निर्वाचन आयोग राजस्थान की State Election Commission Rajasthan Website या मुख्य निर्वाचन अधिकारी राजस्थान के CEO Rajasthan Portal का ही उपयोग करें.

