डूंगरपुर जिले की ग्राम पंचायत चूंडावाड़ा स्थित महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय का भवन जर्जर होने से सैकड़ों मासूमों की सुरक्षा पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है. विद्यालय भवन की दुर्दशा और नए कमरों की मांग को लेकर चूंडावाड़ा के ग्रामीणों ने मंगलवार को जिला कलेक्ट्रेट पर उग्र प्रदर्शन किया. इसके बाद ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए अविलंब कड़े कदम उठाने की मांग की.

13 में से 8 कमरे पूरी तरह जर्जर, 3 मरम्मत योग्य
ग्रामीणों ने बताया कि स्कूल भवन की हालत बेहद दयनीय है. सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) द्वारा जुलाई 2025 में की गई जांच में कुल 13 कक्षा-कक्षों में से 8 कमरों को पूरी तरह से जर्जर और असुरक्षित घोषित किया गया था, जबकि 3 कमरों को वृहत मरम्मत योग्य बताया गया था. जर्जर 8 कमरों में बच्चों के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध होने के कारण वर्तमान में पूरा स्कूल महज 2 सुरक्षित कमरों के भरोसे चल रहा है.
342 विद्यार्थी, एक कमरे में बैठ रहीं 3-3 कक्षाएं
शैक्षणिक सत्र 2026-27 में नर्सरी से कक्षा 8वीं तक कुल 342 विद्यार्थी नामांकित हैं. अंग्रेजी माध्यम में रूपांतरित होने के बाद से स्कूल में हर साल 20% तक नामांकन बढ़ रहा है, लेकिन जगह न होने से एक-एक कमरे में 2 से 3 कक्षाओं को एक साथ बैठाया जा रहा है. बाकी बच्चों को खुले बरामदे में बैठकर पढ़ाई करनी पड़ रही है. इससे बारिश, गर्मी व सर्दी के मौसम में बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होने के साथ हादसों का डर सता रहा है.
ग्रामीणों की प्रमुख मांगें:
- जर्जर भवन के स्थान पर नए भवन और अतिरिक्त कक्षा-कक्षों का तत्काल निर्माण कराया जाए.
- स्कूल परिसर में स्थित राजीविका के अधीन सी.आर.सी. (CRC) भवन को तुरंत खाली करवाकर स्कूल को सौंपा जाए ताकि वैकल्पिक व्यवस्था हो सके.

