उदयपुर जिले के उमरड़ा खेड़ा गांव में लेपर्ड (तेंदुए) के आतंक से ग्रामीणों में भारी दहशत का माहौल है. बुधवार (26 अगस्त) सुबह आबादी क्षेत्र के पास घात लगाकर बैठे लेपर्ड ने तीन ग्रामीणों पर अचानक हमला कर दिया. लेपर्ड ने करीब चार से पांच मिनट तक तीनों पर ताबड़तोड़ वार किए, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए.
यह 24 घंटे के भीतर लेपर्ड के हमले की दूसरी घटना है. इससे पहले मंगलवार शाम को भी इसी गांव में एक ग्रामीण पर लेपर्ड ने हमला किया था.
चार मिनट तक मचाया तांडव, मुंह और शरीर को नोचा
उमरड़ा के पूर्व सरपंच गोपाल मीणा ने बताया कि बुधवार सुबह करीब 6 बजे जब ग्रामीण अपने घरों से बाहर निकले, तो झाड़ियों में छिपे लेपर्ड ने उन पर झपट्टा मार दिया. हमले में जग्गा (60) पुत्र कालू मीणा, रितेश (20) पुत्र गंगाराम और कालू (40) बुरी तरह घायल हो गए. लेपर्ड ने एक ग्रामीण के चेहरे पर कई वार किए और शरीर को बुरी तरह नोच डाला.
ग्रामीणों के भारी शोर मचाने और एकजुट होकर मौके पर पहुंचने के बाद लेपर्ड जंगल की ओर भाग निकला.
चारपाई पर लिटाकर पहाड़ी से नीचे लाए ग्रामीण

पहाड़ी इलाका होने के कारण घटनास्थल तक गाड़ियां नहीं पहुंच सकीं. ग्रामीणों ने हिम्मत दिखाते हुए घायलों को लकड़ी के पलंग (चारपाई) पर लिटाया और पहाड़ी से नीचे सड़क तक पैदल लेकर आए. वहां से घायलों को पहले नजदीकी प्राइवेट अस्पताल और फिर उदयपुर के महाराणा भूपाल (एमबी) हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है.
एक दिन पहले भी हुआ था हमला
इससे पूर्व मंगलवार शाम 6 बजे भी लेपर्ड ने घर के बाहर बैठे लोगर लाल मीणा (45) पर हमला कर सिर और शरीर को पंजों से जख्मी कर दिया था. घटना की सूचना मिलते ही गिर्वा तहसीलदार गणेश कुमार विजयवर्गीय और पटवारी महेंद्र सिंह चौहान एमबी हॉस्पिटल पहुंचे और घायलों का हाल जाना। ग्रामीणों ने वन विभाग से इलाके में तुरंत पिंजरा लगाकर लेपर्ड को पकड़ने की मांग की है.

