बांसवाड़ा: घाटोल क्षेत्र के बहुचर्चित अनिल निनामा हत्याकांड को लेकर आदिवासियों का आक्रोश अब सड़कों पर उतर आया है. सोमवार को भील प्रदेश मुक्ति मोर्चा के बैनर तले बड़ी संख्या में समाज के लोगों और भारत आदिवासी पार्टी (BAP) के कार्यकर्ताओं ने जिला कलेक्ट्रेट का घेराव किया. प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन पर आरोपियों को संरक्षण देने का आरोप लगाते हुए अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है.
राजनीतिक साजिश का आरोप
मोर्चा के जिला संयोजक राजेश वसुनिया ने आरोप लगाया कि पुलिस प्रशासन राजनीतिक दबाव में काम कर रहा है. उन्होंने सीधे तौर पर सागबारी सरपंच प्रकाश निनामा को इस हत्याकांड का मुख्य सूत्रधार बताया. ज्ञापन के अनुसार, यह मामला केवल प्रेम-प्रसंग का नहीं, बल्कि एक सुनियोजित राजनीतिक हत्या है. कार्यकर्ताओं का कहना है कि प्रकाश निनामा एक आदतन अपराधी है जिस पर पूर्व में भी कई गंभीर मामले दर्ज हैं, लेकिन भाजपा और कांग्रेस के बड़े नेताओं के संरक्षण के कारण पुलिस उसे हाथ नहीं लगा रही है.
मुख्य मांगें और प्रशासन को चेतावनी
प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन के सामने निम्नलिखित प्रमुख मांगें रखी हैं:
- गिरफ्तारी: सागबारी सरपंच प्रकाश निनामा और गणेश को मुख्य आरोपी बनाकर तुरंत गिरफ्तार किया जाए.
- पारदर्शिता: आरोपियों की पिछले 6 महीने की CDR, लोकेशन और IPDR रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए.
- सुरक्षा: पूर्व विधायक प्रत्याशी अशोक निनामा के परिवार को जान का खतरा है, उन्हें तत्काल पुलिस सुरक्षा दी जाए.
- फास्ट ट्रैक ट्रायल: मामले में कड़ी धाराएं जोड़कर इसे फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाया जाए और दोषियों को मृत्युदंड दिया जाए.
7 दिन का अल्टीमेटम
राजेश वसुनिया ने चेतावनी दी है कि यदि 7 दिनों के भीतर निष्पक्ष जांच और गिरफ्तारी नहीं हुई, तो भील प्रदेश मुक्ति मोर्चा इस मामले को उच्च न्यायालय (High Court) लेकर जाएगा. वर्तमान में कलेक्ट्रेट के बाहर राजेश वसुनिया, अशोक भील और बबीता के नेतृत्व में भारी भीड़ डटी हुई है.

