बांसवाड़ा जिले के आंबापुरा थाना क्षेत्र के भोजियाकला गांव में मंगलवार को एक हृदयविदारक घटना सामने आई है. यहाँ एक युवक ने अपनी ही दुकान के अंदर संदिग्ध परिस्थितियों में फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली. इस घटना के बाद मृतक के परिवार में मातम पसरा हुआ है.
सूनी दुकान में लगाया मौत का फंदा
आंबापुरा थानाधिकारी निर्भय सिंह के अनुसार, मृतक की पहचान भोजियाकला निवासी लीलाराम पुत्र मानेंग के रूप में हुई है. जानकारी के अनुसार, मंगलवार दोपहर करीब 4 बजे जब परिवार के अन्य सदस्य घर पर मौजूद नहीं थे, तब लीलाराम ने अपनी दुकान के भीतर फंदा लगा लिया. शाम को जब परिजन वापस लौटे और दुकान का मंजर देखा, तो उनके होश उड़ गए. परिजन आनन-फानन में लीलाराम को फंदे से उतारकर महात्मा गांधी अस्पताल ले गए, जहाँ चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया.
परिजनों ने नहीं जताई कोई शंका
अस्पताल से मिली सूचना के बाद थानाधिकारी निर्भय सिंह पुलिस जाप्ते के साथ मौके पर पहुंचे और घटना की जानकारी जुटाई. पुलिस ने परिजनों से पूछताछ की, जिसमें परिजनों ने किसी भी व्यक्ति पर कोई शक जाहिर नहीं किया. परिजनों ने पुलिस को लिखित रिपोर्ट सौंपते हुए बताया कि वे इस मामले में कोई कानूनी कार्रवाई या शव का पोस्टमार्टम नहीं करवाना चाहते हैं.
बिना पोस्टमार्टम के सुपुर्द किया शव
थानाधिकारी ने बताया कि परिजनों की मांग और उनकी लिखित सहमति के आधार पर पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम नहीं करवाया. कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद देर शाम शव परिजनों को अंतिम संस्कार के लिए सुपुर्द कर दिया गया. फिलहाल, युवक द्वारा आत्मघाती कदम उठाने के कारणों का खुलासा नहीं हो पाया है और पुलिस मामले की जांच कर रही है.

