बांसवाड़ा देश के विभिन्न कोचिंग सेंटरों में हुए हादसों के बाद अब बांसवाड़ा प्रशासन भी पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है. सरकारी गाइडलाइन के तहत शहर की बहुमंजिला इमारतों और कोचिंग सेंटरों के खिलाफ प्रशासन ने बड़ा अभियान छेड़ दिया है. इसी कड़ी में आज प्रशासनिक अमले और पुलिस बल की मौजूदगी में शहर के प्रसिद्ध चेतक कॉम्प्लेक्स स्थित ‘धरोहर क्लासेस और लाइब्रेरी’ को पूरी तरह से सीज कर दिया गया है.
तीन मंजिला इमारत पर खतरा: बच्चों की सुरक्षा दांव पर
अग्निशमन विभाग के अधिकारी रमेश चंद्र पाटीदार ने बताया कि सरकार की नई गाइडलाइन के अनुसार शहर के उन सभी कोचिंग संस्थानों और बहुमंजिला इमारतों का सर्वे किया जा रहा है, जहां अग्नि दुर्घटना होने की आशंका सबसे अधिक रहती है. इसी सर्वे के दौरान जब टीम चेतक कॉम्प्लेक्स पहुंची, तो वहां नियमों की धज्जियां उड़ती मिलीं. यह संस्थान ग्राउंड प्लस तीन मंजिला इमारत पर संचालित किया जा रहा था, लेकिन यहाँ आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए कोई भी फायर फाइटिंग इक्विपमेंट (अग्निशमन यंत्र) नहीं था.
मौके पर ही खाली कराकर जड़ा ताला

सुरक्षा मानकों में गंभीर लापरवाही पाए जाने पर जांच टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए कोचिंग और लाइब्रेरी को खाली करवाया. इसके बाद पुलिस जाब्ते की मौजूदगी में संस्थान के मुख्य लोहे के शटर पर सरकारी सील लगाकर ताला जड़ दिया गया. अचानक हुई इस कार्रवाई से पूरे क्षेत्र के कोचिंग संचालकों में हड़कंप मच गया है.
अग्निशमन अधिकारी ने साफ शब्दों में कहा कि जब तक यह संस्थान नियमानुसार सभी सुरक्षा उपकरण स्थापित नहीं कर लेता और एनओसी नहीं ले लेता, तब तक इसे दोबारा संचालन की अनुमति नहीं दी जाएगी. विभाग का कहना है कि यह अभियान लगातार जारी रहेगा और किसी भी स्तर पर बच्चों की जान के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

