डूंगरपुर शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) को अनिवार्य किए जाने के निर्णय और लंबे समय से अटके तबादलों को लेकर डूंगरपुर जिले में राजस्थान शिक्षक संघ का गुस्सा फूट पड़ा है. सरकार के इस फैसले के विरोध में आज जिले भर के शिक्षक एकजुट हुए और सरकार की नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए उग्र प्रदर्शन किया.
बस स्टैंड से कलेक्ट्रेट तक निकाली विशाल रैली
शिक्षकों ने अपनी मांगों को लेकर शहर के मुख्य बस स्टैंड से एक विशाल विरोध रैली की शुरुआत की. यह रैली शहर के विभिन्न मुख्य मार्गों और बाजारों से होती हुई कलेक्ट्रेट परिसर पहुंची. रैली के दौरान शिक्षक हाथों में तख्तियां लिए सरकार विरोधी नारे लगा रहे थे. कलेक्ट्रेट के बाहर पहुंचकर प्रदर्शनकारी शिक्षकों ने सभा की और अपनी गहरी नाराजगी जाहिर की.
पुराने शिक्षकों पर नियम थोपना पूरी तरह तर्कहीन
शिक्षक संघ के पदाधिकारियों और प्रदर्शनकारी शिक्षकों ने साफ शब्दों में कहा कि जो शिक्षक वर्ष 2012 से पहले सेवा में आ चुके हैं और लंबे समय से अपनी सेवाएं दे रहे हैं, उन पर अब इस उम्र में आकर टेट (TET) की अनिवार्यता थोपना पूरी तरह से गलत, अन्यायपूर्ण और तर्कहीन है. सरकार को इस फैसले को तुरंत वापस लेना चाहिए.
10 सालों से नहीं हुए थर्ड ग्रेड शिक्षकों के तबादले
प्रदर्शन के दौरान शिक्षकों ने थर्ड ग्रेड शिक्षकों के तबादलों का गंभीर मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया. शिक्षकों ने आक्रोश जताते हुए कहा कि पिछले 10 सालों से थर्ड ग्रेड शिक्षकों के तबादलों पर रोक लगी हुई है. इसके कारण हजारों शिक्षक अपने गृह जिले से दूर रहकर मानसिक और पारिवारिक रूप से परेशान हो रहे हैं. शिक्षकों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने पुराने शिक्षकों को TET से राहत नहीं दी और थर्ड ग्रेड के तबादले जल्द नहीं खोले, तो इस आंदोलन को और तेज किया जाएगा. प्रदर्शन के बाद मुख्यमंत्री के नाम जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा गया.

