बांसवाड़ा अजमेर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (डिस्कॉम) ने तलवाड़ा में बिना अनुमति के किए जा रहे अवैध विद्युत लाइन शिफ्टिंग और हादसे के मामले में कड़ा संज्ञान लिया है. निगम ने कर्तव्य में लापरवाही बरतने के आरोप में एक कनिष्ठ अभियंता (जेईएन) और तीन तकनीकी कर्मचारियों को तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया है. इसके साथ ही, उपखंड के सहायक अभियंता (एईएन) सहित तीन अन्य कर्मचारियों को लापरवाही के लिए चार्जशीट थमाई गई है.
लापरवाही पर गिरी निलंबन की गाज
यह पूरी कार्रवाई 20 जून 2026 को तलवाड़ा में हुए एक गंभीर हादसे को लेकर की गई है, जहाँ बिना अनुमति के अवैध विद्युत लाइन शिफ्टिंग के दौरान एक ठेका कर्मी करंट लगने से गंभीर रूप से घायल हो गया था. मामला उजागर होने के बाद निगम प्रशासन ने प्रारंभिक संलिप्तता और लापरवाही के आधार पर कनिष्ठ अभियंता (तलवाड़ा) मनीष भगोरा, तकनीकी कर्मचारी व फीडर इंचार्ज अभिषेक व्यास, तकनीकी कर्मचारी हेमंत जोशी और नीरज जोशी को निलंबित कर दिया है. निलंबन काल में इन सभी को अलग-अलग मुख्यालयों से संबद्ध किया गया है.
एईएन सहित तीन को चार्जशीट
कार्य में घोर लापरवाही बरतने और उचित निगरानी न रखने के कारण निगम ने तीन अधिकारियों व कर्मचारियों को चार्जशीट (आरोप पत्र) थमाई है. इनमें सहायक अभियंता (एईएन) महीप जोशी, तकनीकी कर्मचारी मुकेश पटेल और देवेंद्र भट्ट शामिल हैं.
उच्च स्तरीय जांच कमेटी गठित, 5 दिन में मांगी रिपोर्ट
मामले की निष्पक्षता से जांच के लिए विद्युत निगम ने एक तीन सदस्यीय उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है. इस जांच कमेटी का नेतृत्व एक्सईएन कुशलगढ़ कर रहे हैं, जिसमें सहायक अभियंता (सतर्कता) और एक लेखा अधिकारी को शामिल किया गया है.
अधीक्षण अभियंता (एसई) भगवानदास बैरवा ने बताया कि जांच कमेटी को अगले 5 दिनों के भीतर अपनी विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं. रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ आगामी कड़ी कानूनी व विभागीय कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में इस तरह की जानलेवा और अवैध गतिविधियों पर पूरी तरह से अंकुश लगाया जा सके.

