बांसवाड़ा जिले के बजवाना स्थित अल्ट्राटेक सीमेंट प्लांट में गुरुवार को मजदूरों और प्रबंधन के बीच चल रहा गतिरोध आंदोलन में बदल गया. अपनी लंबित मांगों और वेतन विसंगति से नाराज सैकड़ों श्रमिकों ने कार्य का पूर्ण बहिष्कार करते हुए प्लांट के मुख्य द्वार पर जोरदार प्रदर्शन किया. युवा नेता कर्मराज सिंह झाला के नेतृत्व में हुए इस आंदोलन को स्थानीय ग्रामीणों का भी भरपूर समर्थन मिला.
11 साल का अनुभव, पर वेतन वही पुराना
प्रदर्शनकारी मजदूरों ने प्रबंधन पर शोषण का आरोप लगाते हुए कहा कि वे पिछले 11 वर्षों से कंपनी को अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इतने लंबे समय के बावजूद उनके वेतन में कोई संतोषजनक बढ़ोतरी नहीं की गई है. मजदूरों का कहना है कि आज की कमरतोड़ महंगाई में पुराने वेतन पर परिवार का गुजारा करना नामुमकिन हो गया है. कई बार गुहार लगाने के बाद भी प्रबंधन ने उनकी आर्थिक स्थिति पर ध्यान नहीं दिया.
प्रबंधन की वादाखिलाफी से फूटा गुस्सा
मजदूर नेता कर्मराज सिंह झाला ने बताया कि वेतन वृद्धि और अन्य सुविधाओं को लेकर करीब एक महीने पहले मिल प्रशासन को लिखित ज्ञापन दिया गया था. उस समय प्रबंधन ने मांगों पर विचार करने के लिए 06 मई तक का अल्टीमेटम मांगा था. समय सीमा बीत जाने के बाद भी जब कोई सकारात्मक निर्णय नहीं हुआ, तो मजदूरों का धैर्य जवाब दे गया. वादे के मुताबिक समाधान न निकलने पर आज सुबह से ही श्रमिकों ने काम बंद कर दिया.
प्रदूषण की मार झेल रहे ग्रामीण भी आए साथ
आंदोलन की खास बात यह रही कि प्लांट के आसपास बसे गांवों के ग्रामीण भी बड़ी संख्या में मजदूरों के साथ खड़े नजर आए. ग्रामीणों का आरोप है कि फैक्ट्री से निकलने वाले धूल के गुबार और प्रदूषण से उनका स्वास्थ्य खराब हो रहा है और उपजाऊ खेती भी बर्बाद हो रही है. ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रदूषण पर नियंत्रण और मजदूरों की मांगों को नहीं माना गया, तो वे प्लांट का चक्का जाम करेंगे.
देर शाम तक चले इस प्रदर्शन के कारण प्लांट की गतिविधियां पूरी तरह प्रभावित रहीं. फिलहाल प्रशासन और पुलिस की टीम मौके पर मौजूद है और प्रबंधन व मजदूरों के बीच वार्ता के प्रयास जारी हैं.

