डूंगरपुर जिला एवं सेशन न्यायालय डूंगरपुर ने हत्या के एक गंभीर मामले में ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए दो आरोपियों को दोषी करार दिया है. कोर्ट ने धंबोला थाना क्षेत्र में करीब 7 साल पहले (वर्ष 2019 में) धारदार हथियार से एक व्यक्ति की बेरहमी से हत्या करने के जुर्म में दोनों दोषियों को आजीवन कारावास (उम्रकैद) की सजा सुनाई है. इसके साथ ही न्यायालय ने दोनों पर 30-30 हजार रुपये का आर्थिक जुर्माना भी लगाया है.
सोते हुए युवक पर किया था धारदार हथियार से हमला
जिला न्यायालय के लोक अभियोजक (सरकारी वकील) पुष्कर चौबीसा ने बताया कि यह पूरा मामला 4 जून 2019 का है. धंबोला थाना क्षेत्र के निवासी मणी पत्नी नाना पगी डामोर ने पुलिस में एक लिखित रिपोर्ट दर्ज करवाई थी. रिपोर्ट में बताया गया था कि घटना की रात वह, उनका बेटा कुबेर सिंह और पोती भानुमति अपने घर के आंगन में सो रहे थे.
इसी दौरान गांव के ही जयसिंह उर्फ जैसा पुत्र रामा डामोर और जैसा पुत्र धीरा डामोर पुरानी रंजिश को लेकर उनके घर में घुस आए. दोनों ने आंगन में सो रहे कुबेर सिंह की गर्दन पर धारदार हथियार से ताबड़तोड़ हमला कर दिया. हमले में कुबेर सिंह बुरी तरह लहूलुहान हो गया और मौके पर ही उसकी दर्दनाक मौत हो गई.
धंबोला पुलिस की पैरवी और कोर्ट का सख्त फैसला
घटना के बाद धंबोला थाना पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर बारीकी से अनुसंधान किया और दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में चालान पेश किया. मामले की नियमित सुनवाई और गवाहों के बयानों के आधार पर सोमवार को जिला न्यायालय ने अपना अंतिम फैसला सुनाया.
न्यायालय ने दोनों आरोपियों जयसिंह उर्फ जैसा और जैसा पुत्र धीरा डामोर को कुबेर सिंह की हत्या का दोषी माना. कोर्ट ने न्याय की मिसाल पेश करते हुए दोनों दोषियों को सलाखों के पीछे भेज दिया और उम्रकैद की सजा से दंडित किया.

