राजस्थान के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर शनिवार को एक दिवसीय दौरे पर डूंगरपुर पहुंचे. इस दौरान उन्होंने जिला मेडिकल कॉलेज अस्पताल का विस्तृत निरीक्षण किया और स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी हकीकत जानी. मंत्री ने अस्पताल परिसर में चल रहे विभिन्न निर्माण कार्यों की समीक्षा की और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए.
निर्माण कार्यों का जायजा और नई बिल्डिंग की जरूरत:
निरीक्षण के दौरान मंत्री खींवसर ने अस्पताल परिसर में बंद पड़े नए भवन, निर्माणाधीन ट्रॉमा सेंटर और अन्य नई बिल्डिंग के कार्यों की प्रगति रिपोर्ट ली. उन्होंने मौके पर मौजूद निर्माण एजेंसी और मेडिकल कॉलेज प्रबंधन से कार्य में देरी के कारणों पर चर्चा की. मीडिया से रूबरू होते हुए मंत्री ने कहा कि अस्पताल के पुराने ब्लॉक की जगह अब एक आधुनिक और नई बिल्डिंग की नितांत आवश्यकता है, ताकि वागड़ क्षेत्र के मरीजों को बेहतर और विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें.
नर्सिंग कर्मियों से संवाद और नियुक्तियों पर स्पष्टीकरण:
मंत्री ने अस्पताल के फूड कोर्ट में नर्सिंग कर्मियों और यूटीबी (UTB) स्टाफ से सीधा संवाद किया. कर्मचारियों ने पद समाप्त किए जाने और अन्य सेवा संबंधी समस्याओं को उनके समक्ष रखा. इस पर मंत्री ने सकारात्मक आश्वासन देते हुए कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य क्षेत्र में रोजगार के बड़े अवसर पैदा कर रही है. उन्होंने बताया कि सरकार कुल 50 हजार नई भर्तियां करने जा रही है, जिनमें से 30 हजार भर्तियों की प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है. यूटीबी कर्मियों के मुद्दे पर उन्होंने स्पष्ट किया कि कोई भी फैसला सभी पक्षों की राय और जनहित को ध्यान में रखकर ही लिया जाएगा.
रुके हुए कार्यों पर सख्त रुख:
एनबीसीसी (NBCC) कंपनी द्वारा अस्पताल में काम रोके जाने के सवाल पर मंत्री ने कहा कि फिलहाल उनके संज्ञान में यह मामला नहीं आया है, लेकिन यदि इस संबंध में कोई औपचारिक शिकायत मिलती है, तो निश्चित रूप से इसकी उच्च स्तरीय जांच कराई जाएगी और दोषियों पर कार्रवाई होगी. निरीक्षण के दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधि और चिकित्सा विभाग के आला अधिकारी भी मौजूद रहे.

