डूंगरपुर जिले के दोवड़ा थाना क्षेत्र के सुलई खेरवाड़ा गांव से एक बेहद दुखद और झकझोर देने वाली खबर सामने आई है. यहां एक 12वीं पास छात्रा ने अज्ञात कारणों के चलते अपने ही घर में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली. घटना के वक्त मृतका अपने छोटे भाई के साथ घर पर अकेली थी. सूचना पर पहुंची दोवड़ा थाना पुलिस ने शव का पोस्टमॉर्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है.
माता-पिता गए थे डूंगरपुर, पीछे से उठाया आत्मघाती कदम
दोवड़ा थाने के हेड कॉन्स्टेबल खुशपाल सिंह ने बताया कि सुलई खेरवाड़ा निवासी जीवा अहारी ने थाने में मामला दर्ज कराया है. रिपोर्ट के अनुसार, उनकी बेटी रीना ने हाल ही में 12वीं कक्षा उत्तीर्ण की थी. बुधवार सुबह करीब 10:30 बजे जीवा अपनी पत्नी के साथ बाइक की किस्त जमा कराने डूंगरपुर गए थे. घर पर उनकी बेटी रीना और छोटा बेटा दीपू ही थे. दोपहर में जब जीवा डूंगरपुर में अपनी बहन के घर रुके थे, तभी उनके भतीजे की बहू मंजू ने फोन कर बताया कि रीना कमरे का दरवाजा नहीं खोल रही है.
केलू हटाकर अंदर घुसे परिजन, फंदे से लटका मिला शव
सूचना मिलते ही परिजन आनन-फानन में घर पहुंचे. मुख्य दरवाजा अंदर से बंद होने के कारण परिवार के सदस्यों ने मकान की छत पर चढ़कर केलू हटाए और कमरे में प्रवेश किया. अंदर का नजारा देखकर परिजनों के होश उड़ गए; रीना का शव फंदे से लटका हुआ था.
भाई द्वारा फोन रखने से नाराज थी छात्रा, पुलिस जांच में जुटी
शुरुआती जानकारी के अनुसार, घटना से पहले रीना के पास एक छोटा नोकिया फोन था, जिसे उसके छोटे भाई दीपू ने अपने पास रख लिया था. इस बात से नाराज होकर रीना ने किसी से बात करना बंद कर दिया था. हालांकि, पुलिस का कहना है कि आत्महत्या के सटीक कारणों का अभी खुलासा नहीं हो पाया है. हेड कॉन्स्टेबल खुशपाल सिंह के मुताबिक, पुलिस हर एंगल से मामले की गहनता से जांच कर रही है ताकि आत्मघाती कदम उठाने की सही वजह सामने आ सके.

