डूंगरपुर मानगढ़ धाम को राष्ट्रीय स्मारक का दर्जा नहीं दिए जाने के विरोध में बुधवार को डूंगरपुर में कांग्रेस ने उग्र प्रदर्शन किया. कांग्रेस जिलाध्यक्ष व विधायक गणेश घोघरा के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ताओं ने बारिश के बीच शहर में जोरदार बाइक रैली निकाली और कलेक्ट्रेट पहुंचकर केंद्र व राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. इसके बाद कार्यकर्ताओं ने एडीएम को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा.

मानगढ़ धाम 1500 आदिवासियों की शहादत का प्रतीक: विधायक घोघरा
विधायक गणेश घोघरा ने प्रदर्शन के दौरान कहा कि मानगढ़ धाम केवल कोई साधारण पर्यटन स्थल नहीं है, बल्कि यह 1500 से अधिक भील आदिवासियों के सर्वोच्च बलिदान और शहादत का ऐतिहासिक प्रतीक है. उन्होंने केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत के उस बयान पर कड़ा ऐतराज जताया, जिसमें उन्होंने संसद में कहा था कि मानगढ़ धाम को राष्ट्रीय स्मारक घोषित करने का कोई प्रस्ताव फिलहाल विचाराधीन नहीं है. घोघरा ने स्पष्ट किया कि आदिवासी समाज लंबे समय से यह सम्मान दिए जाने की मांग कर रहा है.
मदन राठौड़ के बयान पर जताया विरोध, मांगी माफी
विधायक घोघरा ने विश्व आदिवासी दिवस को लेकर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ द्वारा दी गई टिप्पणी पर भी गहरा रोष व्यक्त किया. उन्होंने कहा कि 9 अगस्त को संयुक्त राष्ट्र (UN) द्वारा विश्व आदिवासी दिवस घोषित किया गया है, जिसे पूरा विश्व मनाता है. इसके बावजूद इस ऐतिहासिक दिन के लिए ‘भेड़चाल’ और ‘विदेशी’ जैसे शब्दों का प्रयोग करना पूरे आदिवासी समाज की भावनाओं और अस्मिता को ठेस पहुंचाना है.
कांग्रेस ने मांग की है कि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ अपने इस बयान पर आदिवासी समाज से अविलंब सार्वजनिक माफी मांगें. साथ ही चेतावनी दी कि यदि मानगढ़ धाम को राष्ट्रीय स्मारक का दर्जा नहीं दिया गया और मांगें पूरी नहीं हुईं, तो कांग्रेस आदिवासी समाज के साथ मिलकर आंदोलन को और उग्र करेगी.

