डूंगरपुर जिले की बिछीवाड़ा थाना पुलिस ने ओडा बड़ा गांव में हुए अंधे कत्ल के मामले में बड़ी कार्रवाई की है. पुलिस ने युवक पर जानलेवा हमला कर उसकी हत्या करने के आरोप में मुख्य आरोपी समेत कुल छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है. इसके साथ ही वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिलें और लट्ठ भी बरामद कर लिए गए हैं.
घर में घुसकर लोहे के पाइप और चैन से किया था हमला
बिछीवाड़ा थानाधिकारी (सीआई) कैलाश सोनी ने बताया कि घटना 6 मई की शाम की है. ओडा बड़ा गांव निवासी रामा डामोर ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनका बेटा तेजराम खराड़ी और पत्नी कावी घर पर काम कर रहे थे. इसी दौरान भेहणा निवासी सुरेश डामोर अपने अन्य साथियों के साथ मोटरसाइकिलों पर सवार होकर वहां पहुंचा. आरोपियों ने पुरानी रंजिश को लेकर घर के आंगन में घुसकर तेजराम पर लोहे के पाइप, चैन और लट्ठ से ताबड़तोड़ हमला कर दिया. इस खूनी संघर्ष में तेजराम के सिर और पीठ पर गंभीर चोटें आईं. बीच-बचाव करने आई उसकी मां कावी का भी दायां हाथ टूट गया.
उदयपुर में इलाज के दौरान तोड़ा दम
ग्रामीणों के इकट्ठा होने पर आरोपी मौके से फरार हो गए. गंभीर रूप से घायल तेजराम को तुरंत डूंगरपुर जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां से नाजुक हालत के चलते उसे उदयपुर रेफर किया गया. उदयपुर में करीब 16 दिनों तक जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ते हुए आखिरकार 22 मई को तेजराम ने दम तोड़ दिया. मौत की सूचना पर पुलिस ने मामले में हत्या की धाराएं जोड़कर तफ्तीश तेज की.
मुख्य आरोपी समेत 6 दबोचे, पूछताछ जारी
युवक की मौत के बाद हरकत में आई बिछीवाड़ा थाना पुलिस ने विशेष टीम का गठन कर दबिश दी. पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए मुख्य आरोपी सुरेश डामोर सहित अरविन्द डामोर, प्रकाश डामोर, नरेश डामोर, गणेश डामोर और अश्विन डामोर (सभी निवासी ओडा बड़ा) को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से वारदात में प्रयुक्त वाहन और हथियार जब्त कर लिए हैं. फिलहाल सभी आरोपियों से गहनता से पूछताछ की जा रही है कि इस बेरहम हमले के पीछे मुख्य वजह क्या थी.

