डूंगरपुर जिला मेडिकल कॉलेज अस्पताल से 113 नर्सिंग ऑफिसर्स को हटाने और उन्हें अधिशेष (सरप्लस) घोषित करने के विरोध में बुधवार को नर्सिंगकर्मियों का गुस्सा फूट पड़ा. आंदोलित नर्सिंगकर्मियों ने अस्पताल परिसर में प्रदर्शन करने के बाद कलेक्ट्रेट कूच किया और जिला कलेक्टर को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा. उन्होंने सभी नर्सिंग ऑफिसर्स को मेडिकल कॉलेज में ही यथावत रखने और लंबे समय से बकाया वेतन का भुगतान करने की मांग की है.
चिकित्सा शिक्षा विभाग के आदेश से मचा हड़कंप
नर्सिंगकर्मी प्रतिनिधि विकास त्रिवेदी ने बताया कि चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा प्रदेशभर में 746 पदों को समाप्त करने का एक आदेश जारी किया गया है. इसी आदेश के तहत डूंगरपुर मेडिकल कॉलेज के 113 नर्सिंग ऑफिसर्स को अधिशेष घोषित कर दिया गया है. इस औचक निर्णय से नर्सिंगकर्मियों में भारी असंतोष और नाराजगी व्याप्त है. अस्पताल प्रशासन ने रिक्त पदों की कमी का हवाला देते हुए इन कर्मचारियों की आईडी अधीक्षक, सीएमएचओ और जोन कार्यालय को भेजने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है.
संविदा कर्मियों की भर्ती की तैयारी पर उठाए सवाल
नर्सिंगकर्मियों का तर्क है कि डूंगरपुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल पर पूरे जिले की स्वास्थ्य सेवाओं का दारोमदार है. अस्पताल को सुचारू रूप से चलाने के लिए पहले से ही पर्याप्त स्टाफ की कमी है. ऐसे में स्थायी और अनुभवी नर्सिंग अधिकारियों को हटाकर संविदा पर नए कर्मियों की नियुक्ति की तैयारी की जा रही है, जो पूरी तरह से अनुचित और व्यवस्था विरोधी है.
लंबे समय से बकाया है वेतन, उग्र आंदोलन की चेतावनी
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि एक तरफ उन्हें नौकरी से हटाने की तैयारी हो रही है, तो दूसरी तरफ लंबे समय से उनके रुके हुए बकाया वेतन का भुगतान भी नहीं किया गया है. कई बार गुहार लगाने के बावजूद अस्पताल प्रशासन इस पर मूकदर्शक बना हुआ है. कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन के दौरान नर्सिंगकर्मियों ने सरकार और स्थानीय प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सभी 113 नर्सिंग ऑफिसर्स को बहाल नहीं किया गया और वेतन जारी नहीं हुआ, तो आने वाले दिनों में जिलेभर में उग्र आंदोलन किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी.

