राज्यसभा सांसद और भाजपा के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया बांसवाड़ा जाते समय बुधवार को डूंगरपुर पहुंचे. सर्किट हाउस आगमन पर पूर्व मंत्री सुशील कटारा, पूर्व जिलाध्यक्ष प्रभु पंड्या और सुरेश फलोजिया समेत कई भाजपा पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया. इस दौरान मीडिया से बातचीत में सांसद पूनिया ने यमुना जल समझौते को ऐतिहासिक बताते हुए विपक्ष पर तीखा हमला बोला.
सांसद पूनिया ने कहा कि वर्ष 1994 में तत्कालीन मुख्यमंत्री भैरों सिंह शेखावत ने इस योजना की शुरुआत की थी. इसके बाद केंद्र, राजस्थान और हरियाणा में कई बार कांग्रेस की सरकारें रहीं, लेकिन उन्होंने इस महत्वाकांक्षी योजना को कभी लागू नहीं किया. कांग्रेस राज में इस मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया था. यह पहली बार है जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व, अमित शाह की मध्यस्थता और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के प्रयासों से यह ऐतिहासिक समझौता मुमकिन हो पाया है. हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने भी उदारता दिखाते हुए राजस्थान के हितों का ध्यान रखा.
34 हजार करोड़ की योजना, बिछेगी 300 किमी लंबी पाइपलाइन
योजना की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि यह करीब 34,000 करोड़ रुपये का बड़ा प्रोजेक्ट है, जिसके तहत 300 किलोमीटर से अधिक लंबी पाइपलाइन बिछाई जाएगी. इससे शेखावाटी क्षेत्र को बहुत बड़ी राहत मिलेगी, जहाँ भूजल स्तर काफी नीचे चला गया है. पाइप के जरिए यमुना का पानी पहुंचने से शुरुआत में पेयजल और आने वाले समय में सिंचाई के लिए भरपूर पानी की व्यवस्था सुनिश्चित होगी.
देश के लिए मिसाल बनेगा यह समझौता
सतीश पूनिया ने जोर देकर कहा कि यह समझौता देश के अन्य प्रदेशों के लिए भी एक नजीर बनेगा कि किस प्रकार आपसी संतुलन बिठाकर जटिल जल विवादों को सुलझाया जा सकता है. इस ऐतिहासिक कदम के लिए उन्होंने शीर्ष नेतृत्व और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का आभार व्यक्त किया.

