डूंगरपुर जिले में यात्रियों की सुरक्षा की अनदेखी करने वाली निजी व लग्जरी बसों के खिलाफ प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है. जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, परिवहन विभाग और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने शहर में बसों की औचक चेकिंग की. कार्रवाई के दौरान राष्ट्रीय वाहन मानकों और सुरक्षा नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर 3 लग्जरी बसों को सीज कर दिया गया, जबकि विभिन्न अनियमितताओं पर 1 लाख 70 हजार रुपये के चालान बनाए गए.
संयुक्त टीम ने की औचक चेकिंग

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव किरण कुमार चौहान ने बताया कि जिला एवं सेशन न्यायाधीश (प्राधिकरण अध्यक्ष) दीपा गुर्जर के निर्देशों पर यह सरप्राइज चेकिंग अभियान चलाया गया. जांच टीम में न्यायिक अधिकारियों के साथ परिवहन और पुलिस विभाग के अधिकारी शामिल रहे. टीम ने अचानक शहर में दबिश देकर निजी और लग्जरी बसों की गहनता से जांच की.
इमरजेंसी एग्जिट और सुरक्षा मानकों की हुई जांच
निरीक्षण के दौरान बसों में यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था, इमरजेंसी एग्जिट डोर, फर्स्ट ऐड किट और वाहनों में तय राष्ट्रीय वाहन मानकों के पालन की जांच की गई. जिन बसों में यात्रियों की सुरक्षा से खिलवाड़ और नियमों की अनदेखी पाई गई, उनके खिलाफ तुरंत वैधानिक कार्रवाई करते हुए 3 बसों को मौके पर ही सीज कर दिया गया.
बस मालिकों को सख्त हिदायत, यात्रियों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था
प्रशासन ने सीज की गई बसों के मालिकों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे वाहनों का संचालन निर्धारित मानकों के अनुसार ही करें. बसों में बिना अनुमति किसी भी प्रकार का फेरबदल या एक्स्टेंशन करने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है. वहीं, सीज की गई बसों में सवार यात्रियों को किसी भी परेशानी से बचाने के लिए प्रशासन ने उन्हें उनके गंतव्य तक सुरक्षित पहुँचाने की वैकल्पिक व्यवस्था भी उपलब्ध कराई.

