डूंगरपुर जिले में जल संकट से निपटने और भूजल स्तर को सुधारने के उद्देश्य से ‘वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान’ के तहत एक महत्वपूर्ण पहल की गई है. जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (PHED) द्वारा क्षेत्र के प्रसिद्ध डिमिया बांध पर डिसिल्टिंग (गाद हटाने) के कार्य का औपचारिक शुभारंभ किया गया. इस विशेष कार्यक्रम के दौरान विधि-विधान से जल पूजन किया गया और उपस्थित ग्रामीणों व अधिकारियों को जल संरक्षण की शपथ दिलाई गई.
कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि जिला कलेक्टर देशल दान एवं अन्य प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ जल पूजन कर की गई. इसके बाद बांध की जल भंडारण क्षमता को बढ़ाने के लिए मशीनरी के माध्यम से गाद हटाने का काम शुरू किया गया. अधिकारियों ने बताया कि यह अभियान आगामी मानसून से पहले लगातार जारी रहेगा. बांध से वर्षों पुरानी जमी गाद को हटाने से इसकी पानी रोकने की क्षमता में भारी इजाफा होगा, जिससे आसपास के क्षेत्रों का वाटर लेवल भी सुधरेगा.
पानी बचाने और संरक्षण की दिलाई सामूहिक शपथ
इस अवसर पर जिला कलेक्टर देशल दान ने आमजन को संबोधित करते हुए कहा कि जल संरक्षण केवल सरकार का काम नहीं है, बल्कि इसमें प्रत्येक नागरिक की भागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है. उन्होंने ग्रामीणों को पानी की एक-एक बूंद की कीमत समझाते हुए जल को व्यर्थ न बहाने और वर्षा जल को सहेजने का आह्वान किया। कार्यक्रम में मौजूद सभी लोगों को जल संरक्षण के प्रति जागरूक रहने और इसके प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने की सामूहिक शपथ दिलाई गई.
सरपंच ने रखी एनीकट और सड़क निर्माण की मांग
कार्यक्रम के दौरान स्थानीय सरपंच ने जिला प्रशासन के समक्ष क्षेत्र की प्रमुख समस्याएं भी रखीं. उन्होंने डिमिया बांध के समीप पानी को रोकने के लिए नए ‘एनीकट’ के निर्माण और ग्रामीणों के आवागमन को सुगम बनाने के लिए एक नई सड़क बनाने की मांग की.
कलेक्टर देशल दान ने सरपंच की मांगों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों को जल्द से जल्द उचित तकनीकी और विभागीय कार्रवाई करने का आश्वासन दिया. इसके साथ ही उन्होंने सभी स्थानीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि जल संरक्षण से जुड़े जितने भी कार्य चल रहे हैं, उन्हें एक अभियान के रूप में समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए ताकि मानसून में इसका पूरा लाभ मिल सके.

