डूंगरपुर जिला मुख्यालय के वागड़ गांधी वाटिका में आज कांग्रेस पार्टी की ओर से ‘छात्रों की गूंज’ अभियान के तहत एक प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया. इस दौरान कांग्रेस नेताओं ने केंद्र और राज्य की बीजेपी सरकार के खिलाफ जमकर मोर्चा खोला. प्रेसवार्ता में मुख्य रूप से नीट पेपर लीक मामला, माही बांध के पानी का डायवर्जन और सरकारी कैंपों की विफलता को लेकर सरकार पर तीखे प्रहार किए गए.
लाखों का कर्ज और पेपर लीक बर्दाश्त नहीं: हरिलाल दरागी

कांग्रेस के जिला प्रभारी हरिलाल दरागी ने ‘नीट’ (NEET) पेपर लीक मामले पर केंद्र सरकार को कटघरे में खड़ा किया. उन्होंने कहा कि एक गरीब और मध्यमवर्गीय परिवार कर्ज लेकर अपने बच्चों को डॉक्टर बनाने का सपना देखता है, लेकिन सरकार की नाकामी से पेपर लीक हो जाते हैं. युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ के विरोध में कांग्रेस देशव्यापी आंदोलन करेगी। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से तुरंत इस्तीफे की मांग की.
नेताओं-अधिकारियों के बच्चे भी पढ़ें सरकारी स्कूलों में: गणेश घोघरा

डूंगरपुर विधायक और जिला अध्यक्ष गणेश घोघरा ने शिक्षा व्यवस्था पर बड़ा बयान देते हुए कहा, “अगर सरकारी स्कूलों का स्तर सुधारना है और अमीर-गरीब का भेदभाव खत्म करना है, तो एक नियम बनना चाहिए कि सभी नेताओं और बड़े सरकारी अधिकारियों के बच्चे भी अनिवार्य रूप से सरकारी स्कूलों में ही पढ़े.”
माही के पानी और कैंपों पर उग्र आंदोलन की चेतावनी
विधायक घोघरा ने राज्य सरकार के कैंपों को ‘दिखावा’ बताते हुए कहा कि जनता का कोई काम नहीं हो रहा, सिर्फ पशुओं की दवाइयां बांटी जा रही हैं. उन्होंने वागड़ की जीवनरेखा माही बांध के पानी को जालोर भेजने की तैयारी का पुरजोर विरोध किया. घोघरा ने चेतावनी दी कि इस पानी पर पहला हक स्थानीय आदिवासियों और किसानों का है. इस मुद्दे को आगामी विधानसभा सत्र में उठाया जाएगा और जरूरत पड़ने पर कांग्रेस सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन करेगी.

