राजस्थान के उदयपुर जिले में वन्यजीव तस्करी और शिकार के खिलाफ पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है. माण्डवा थाना पुलिस और जिला स्पेशल टीम (DST) ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए एक घोषित हिस्ट्रीशीटर के घर दबिश देकर लेपर्ड (पेंथर) की खाल बरामद की है। यह खाल करीब 6 महीने पुरानी बताई जा रही है. पुलिस अब आरोपी की सरगर्मी से तलाश कर रही है.
मुखबिर की सूचना पर पुलिस की दबिश
माण्डवा थानाधिकारी चन्द्रपाल सिंह ने बताया कि पुलिस को मुखबिर के जरिए सूचना मिली थी कि हिस्ट्रीशीटर सविया पुत्र काला निवासी आमलीघाटी ने अपने घर में वन्यजीव के अवशेष छिपा रखे हैं. इस सूचना पर 4 मई की शाम करीब 5 बजे पुलिस टीम ने हिस्ट्रीशीटर के घर पर छापेमारी की। हालांकि, दबिश के दौरान आरोपी सविया घर पर नहीं मिला, लेकिन तलाशी के दौरान पुलिस को घर के भीतर से एक लेपर्ड की सूखी हुई खाल बरामद हुई.
6 माह पूर्व मौत का अंदेशा, देहरादून भेजी जाएगी खाल
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत वन विभाग के अधिकारियों को मौके पर बुलाया. प्राथमिक जांच में वन अधिकारियों ने बताया कि खाल पूरी तरह सूख चुकी है और लेपर्ड की मौत करीब 6 माह पहले होने का अनुमान है. खाल के सैंपल अब देहरादून स्थित वाइल्डलाइफ लैब में जांच के लिए भेजे जाएंगे. इस वैज्ञानिक जांच से यह स्पष्ट हो पाएगा कि लेपर्ड की मौत प्राकृतिक थी या उसका शिकार किया गया था.
आरोपी पर पहले से दर्ज हैं दर्जनभर मुकदमे
पुलिस के अनुसार, आरोपी सविया इलाके का नामी हिस्ट्रीशीटर है. उसके खिलाफ मारपीट, झगड़े और आर्म्स एक्ट जैसे करीब एक दर्जन गंभीर मामले पहले से दर्ज हैं. हालांकि, वन्यजीव संरक्षण अधिनियम (Wildlife Protection Act) के तहत उस पर यह पहला मुकदमा दर्ज किया गया है.
जंगलों में शिकारियों का नेटवर्क?
उल्लेखनीय है कि कोटड़ा और माण्डवा के जंगलों में लेपर्ड का काफी मूवमेंट रहता है, जो अक्सर शिकारियों के निशाने पर रहते हैं. पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपी के पास यह खाल कहाँ से आई और क्या वह किसी बड़े अंतर्राज्यीय शिकार गिरोह से जुड़ा हुआ है. आरोपी की गिरफ्तारी के बाद कई बड़े खुलासे होने की उम्मीद है.

