नेशनल हाईवे 48 पर गुरुवार दोपहर एक दिल दहला देने वाला हादसा सामने आया. उदयपुर से गुजरात की ओर जा रही एक कार बिछीवाड़ा के समीप आरा पुल पर अनियंत्रित होकर पलट गई. हादसे के बाद कार धू-धू कर जल उठी, लेकिन आसपास मौजूद लोगों की बहादुरी और तत्परता ने तीन युवकों को मौत के मुंह से बाहर निकाल लिया.
200 फीट तक रगड़ाती गई कार, फिर पलटी
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार की रफ्तार काफी तेज थी. अचानक नियंत्रण खोने के कारण कार डिवाइडर से टकराई और करीब 200 फीट तक सड़क पर रगड़ाती हुई पलट गई. कार के बीच सड़क पर पलटते ही उसमें सवार तीन युवक भीतर बुरी तरह फंस गए. स्थिति बेहद नाजुक थी क्योंकि कार के इंजन से धुआं निकलना शुरू हो गया था.
हादसे को देख आसपास के लोग अपनी जान जोखिम में डालकर तुरंत मौके पर दौड़े. कार के दरवाजे लॉक हो चुके थे. ग्रामीणों और राहगीरों ने मिलकर पलटी हुई कार को सीधा किया और पत्थरों व औजारों से शीशे तोड़कर तीनों युवकों को कड़ी मशक्कत के बाद बाहर निकाला.
नाथद्वारा दर्शन कर लौट रहे थे बड़ौदा
हादसे में घायल हुए युवकों की पहचान दिव्य सिंह (पुत्र योगेंद्र गोयल), जयदीप ठक्कर (पुत्र विपिन भाई) और ओम व्यास (पुत्र धर्मेश भाई) के रूप में हुई है. ये तीनों बड़ौदा (गुजरात) के निवासी हैं और नाथद्वारा में श्रीनाथजी के दर्शन कर वापस अपने घर लौट रहे थे.
यातायात रहा बाधित, घायलों को भेजा गुजरात
आग के कारण हाईवे पर धुएं का गुबार आसमान छूने लगा, जिससे कुछ समय के लिए यातायात थम गया. सूचना पर पुलिस और 1033 आपातकालीन सेवा की टीम मौके पर पहुंची. उदयपुर की ओर से आने वाले वाहनों को सर्विस रोड पर डायवर्ट कर रास्ता सुचारू किया गया. घायलों को पहले बिछीवाड़ा अस्पताल ले जाया गया, जहाँ प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए गुजरात रेफर कर दिया गया है.

