प्रतापगढ़ जिले के बम्बोरी और आसपास के ग्रामीण इलाकों में लंबे इंतजार के बाद आखिरकार मानसून ने अपनी जोरदार उपस्थिति दर्ज कराई है. शुक्रवार को क्षेत्र में हुई झमाझम बारिश से जहां एक ओर भीषण गर्मी और उमस से परेशान आमजन को बड़ी राहत मिली है, वहीं दूसरी ओर सूखे पड़े खेतों में रौनक लौट आई है. करीब एक से डेढ़ घंटे तक लगातार हुई मूसलाधार बारिश के बाद पूरे क्षेत्र का मौसम सुहावना और खुशनुमा हो गया है.
बम्बोरी-हड़मतिया मार्ग का एनिकट छलका, देखने पहुंचे ग्रामीण
इस पहली अच्छी बारिश का सबसे सुखद नजारा बम्बोरी-हड़मतिया जागीर मार्ग पर देखने को मिला. बारिश के चलते क्षेत्र के नदी-नालों और जल स्रोतों में पानी की आवक बेहद तेजी से बढ़ी, जिसके परिणामस्वरूप यहां बना एनिकट शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे पूरी तरह से छलक उठा. एनिकट पर पानी की चादर बहने की खबर जैसे ही फैली, आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में ग्रामीण इस खूबसूरत नजारे को देखने और पहली बारिश का आनंद लेने मौके पर पहुंच गए. जल संकट से जूझ रहे ग्रामीणों के लिए यह मानसूनी सौगात बड़ी खुशी लेकर आई है.
खेतों में लौटी रौनक, खरीफ की बुवाई में जुटे किसान
मानसून की इस मेहरबानी से प्रतापगढ़ के अन्नदाताओं के चेहरों पर भी भारी रौनक देखी जा रही है. खेतों में बुवाई के लायक पर्याप्त नमी आने के बाद किसानों ने खरीफ फसलों की बुवाई के कार्य को गति दे दी है. बम्बोरी सहित आसपास के क्षेत्रों के किसान अब सोयाबीन, मक्का, उड़द और मूंगफली जैसी मुख्य खरीफ फसलों की बुवाई की तैयारियों और खेतों को सहेजने में जुट गए हैं. किसानों का मानना है कि यदि आने वाले दिनों में भी इंद्रदेव इसी तरह मेहरबान रहे, तो इस बार खरीफ का सीजन बंपर रहने की पूरी उम्मीद है.

