प्रतापगढ़ छात्र हितों से जुड़ी विभिन्न मांगों को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के कार्यकर्ताओं का गुस्सा गुरुवार को फूट पड़ा. पूर्व में जिला प्रशासन और संबंधित अधिकारियों को सौंपे गए ज्ञापनों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से नाराज कार्यकर्ताओं ने राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय (पीजी कॉलेज), प्रतापगढ़ के मुख्य प्रवेश द्वार पर ताला जड़कर अनिश्चितकालीन आंदोलन की शुरुआत कर दी है.
इन 3 प्रमुख मांगों को लेकर अड़े छात्र
एबीवीपी कार्यकर्ताओं का कहना है कि उन्होंने पहले भी जिला कलेक्टर के माध्यम से सरकार और प्रशासन को अपनी मांगों से अवगत कराया था, लेकिन अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई. छात्र परिषद मुख्य रूप से इन मांगों पर अड़ी है:
- फीस वृद्धि वापस लेने की मांग: राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के तहत सेमेस्टर प्रणाली में बढ़ाई गई परीक्षा और अन्य सभी प्रकार के शुल्कों को तुरंत वापस लिया जाए या उन्हें कम किया जाए.
- नए विषयों की शुरुआत: राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में विज्ञान और कला वर्ग के छात्रों के लिए एम.एससी. (गणित), एम.एससी. (भौतिक विज्ञान) तथा एम.ए. (अर्थशास्त्र) जैसे महत्वपूर्ण विषय शुरू किए जाएं.
- महाविद्यालयों का गौरवपूर्ण नामकरण: जिले के विभिन्न सरकारी कॉलेजों का नामकरण महान विभूतियों— गोविंद गुरु, भगवान बिरसा मुंडा एवं वीर बाला कालीबाई भील के नाम पर करने की मांग की गई है.
कॉलेज गेट पर प्रदर्शन और नारेबाजी

गुरुवार सुबह बड़ी संख्या में कॉलेज पहुंचे एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने मुख्य गेट पर प्रतीकात्मक ताला लगा दिया और वहीं धरने पर बैठ गए। इस दौरान छात्रों ने कॉलेज और जिला प्रशासन की उदासीनता के खिलाफ जमकर नारेबाजी की.
अनिश्चितकाल तक जारी रहेगा आंदोलन: एबीवीपी के छात्र नेताओं ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि जब तक उनकी इन जायज मांगों पर प्रशासन या विश्वविद्यालय प्रबंधन की ओर से कोई सकारात्मक और लिखित निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक उनका यह आंदोलन और तालाबंदी अनिश्चितकाल के लिए जारी रहेगी.
आंदोलन के चलते कॉलेज परिसर में गहमा-गहमी का माहौल बना हुआ है, और छात्र संगठन ने सरकार से इस विषय पर तुरंत संज्ञान लेने की अपील की है.

