प्रतापगढ़ जिले के सालमगढ़ थाना क्षेत्र के उड़ियाखेड़ी गांव में शनिवार देर रात जमीनी विवाद ने बेहद खूनी रूप ले लिया. एक ही परिवार के सौतेले भाइयों के बीच खेत पर बुवाई को लेकर शुरू हुआ मामूली विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों के लोग आमने-सामने हो गए. देखते ही देखते दोनों ओर से तलवार, तीर और लाठी-डंडों से एक-दूसरे पर जानलेवा हमला कर दिया गया. इस खूनी संघर्ष में दोनों पक्षों के सात लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें देर रात एंबुलेंस की मदद से जिला चिकित्सालय प्रतापगढ़ भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार चल रहा है.

समझौते के बाद भी खेत हांकने पहुंचे भाई, भड़क गई हिंसा
अस्पताल में उपचाराधीन घायल श्यामलाल ने बताया कि उनके पिता नाहरसिंह की दो पत्नियां हैं. पहली पत्नी से व्यस्था और अर्जुन हैं, जबकि दूसरी पत्नी से श्यामलाल और गौतम हैं. दोनों पक्षों के बीच जमीन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था. पूर्व में यह मामला थाने भी पहुंचा था, जहां दोनों पक्षों के बीच लिखित समझौता हुआ था कि जब तक जमीन का कानूनी रूप से बंटवारा नहीं हो जाता, तब तक कोई भी पक्ष खेत में बुवाई नहीं करेगा. श्यामलाल का आरोप है कि इस समझौते के बावजूद पहली पत्नी के दोनों बेटे ट्रैक्टर लेकर जबरन खेत में बुवाई करने पहुंच गए. जब दूसरे पक्ष ने इसका विरोध किया, तो विवाद गहरा गया और धारदार हथियारों से हमला शुरू हो गया.
परिवार के इन लोगों को आई गंभीर चोटें
इस हिंसक संघर्ष में पिता नाहर के चारों पुत्र श्यामलाल, गौतम, अर्जुन और व्यस्था गंभीर रूप से लहूलुहान हो गए. इसके अलावा झगड़े के बीच आए श्यामलाल के पुत्र नवीन, व्यस्था के पुत्र नंदलाल, अर्जुन के पुत्र गुलाब और सविता पत्नी गुलाबचंद को भी गंभीर चोटें आई हैं.
घटना की सूचना मिलते ही सालमगढ़ थाना पुलिस भारी जाब्ते के साथ मौके पर पहुंची और घटनास्थल का मुआयना किया. पुलिस ने अस्पताल पहुंचकर घायलों के बयान दर्ज किए हैं. फिलहाल पुलिस दोनों पक्षों की शिकायतों के आधार पर मामले की गहनता से जांच कर रही है.

