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उदयपुर: गोगुंदा वृद्धा लूटकांड का मुख्य आरोपी भीलवाड़ा से गिरफ्तार, साक्ष्य मिटाने के लिए जिंदा जलाने की थी खौफनाक साजिश

उदयपुर जिले के गोगुंदा थाना क्षेत्र में वृद्ध महिला के साथ हुई बर्बरता और लूट के सनसनीखेज मामले में पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है. जिला पुलिस अधीक्षक (SP) डॉ. अमृता दुहन के निर्देशन में गठित विशेष टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए वारदात के मुख्य आरोपी पप्पूसिंह राजपूत को भीलवाड़ा जिले के आसींद क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया है. वहीं, इस घिनौने अपराध में शामिल उसका दूसरा साथी बसंत सिंह उर्फ पिंटिया राजपूत फिलहाल पुलिस को चकमा देकर फरार है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं.

चांदी के कड़े लूटने के लिए आरी से काटे पैर

पुलिस के अनुसार, करीब पांच दिन पहले बदमाशों ने सुनियोजित तरीके से भुरकी बाई नामक एक वृद्धा का अपहरण कर लिया था. आरोपी महिला को जबरन मजावड़ी के घने जंगलों में ले गए। वहां वृद्धा के पैरों में पहने भारी चांदी के कड़े निकालने के लिए बदमाशों ने क्रूरता की सारी हदें पार कर दीं और आरी से उनके पैर काट दिए.

जिंदा जलाने की रची थी साजिश

पुलिस की प्रारंभिक जांच में एक और रूह कंपा देने वाला खुलासा हुआ है. चांदी के कड़े लूटने के बाद आरोपी साक्ष्य मिटाने की फिराक में थे. इसके लिए उन्होंने जंगल से सूखी लकड़ियां और कचरा इकट्ठा किया था ताकि वृद्धा को जिंदा जलाकर मौत के घाट उतार सकें और पुलिस के लिए कोई सबूत न बचे. हालांकि, समय रहते पुलिस की सक्रियता से आरोपियों की यह खौफनाक साजिश नाकाम हो गई.

100 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की मदद से खुली कड़ियां

वारदात की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तकनीकी अनुसंधान शुरू किया और घटनाक्रम के रूट पर आने वाले 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले. फुटेज के विश्लेषण और स्थानीय इनपुट्स के आधार पर ही पुलिस आरोपियों की पहचान करने और उनकी लोकेशन ट्रेस करने में कामयाब रही. पुलिस गिरफ्तार मुख्य आरोपी को रविवार को न्यायालय में पेश कर रिमांड पर लेगी, ताकि लूटे गए जेवर बरामद किए जा सकें और फरार आरोपी के ठिकानों का पता लगाया जा सके.

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