प्रतापगढ़ जिला कृषि उपज मंडी में व्याप्त अव्यवस्थाओं को लेकर किसानों का गुस्सा खुलकर सामने आ गया है. भारतीय किसान संघ के नेतृत्व में बड़ी संख्या में एकत्रित हुए किसानों ने मंडी प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. किसानों ने मंडी अधिकारी उज्ज्वल जैन से मुलाकात कर अपनी विभिन्न समस्याओं को लेकर गहरा आक्रोश जताया और चेतावनी दी कि यदि सात दिनों के भीतर व्यवस्थाओं में सुधार नहीं हुआ, तो उग्र आंदोलन शुरू किया जाएगा.

डोम में जलभराव और व्यापारियों के अवैध कब्जे से परेशान किसान
भारतीय किसान संघ के जिला सह प्रचार प्रमुख सागर प्रजापत ने बताया कि किसान लंबे समय से मंडी में बुनियादी सुविधाओं के अभाव का दंश झेल रहे हैं. किसानों ने सबसे प्रमुखता से प्याज और लहसुन नीलामी डोम में जलभराव और पानी निकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने का मुद्दा उठाया. बारिश के दौरान किसानों को अपनी करोड़ों रुपये की उपज कीचड़ और पानी के बीच रखनी पड़ती है, जिससे फसल खराब होने और भारी आर्थिक नुकसान का डर बना रहता है. इसके साथ ही, किसानों के लिए बने डोमों पर व्यापारियों द्वारा निजी माल का भंडारण कर किए गए अतिक्रमण को भी तत्काल हटाने की मांग की गई.
मूलभूत सुविधाओं का अभाव, गंदगी से बढ़ा मच्छरों का प्रकोप
किसानों ने मंडी परिसर में फैली गंदगी, कचरे के ढेर और जलभराव के कारण बढ़ते मच्छरों के प्रकोप पर भी गहरी चिंता जताई. किसान संघ के जिला बीमा एवं अनुदान प्रमुख दिलखुश पाटीदार और संभाग मंडी विपणन सदस्य बाबूलाल गायरी ने कहा कि किसानों को सम्मानजनक वातावरण में अपनी उपज बेचने की सुविधा देना मंडी प्रशासन की जिम्मेदारी है. किसानों के लिए बने किसान भवन का उपयोग नहीं हो रहा है, और परिसर में पीने के साफ पानी तथा बैठने की कोई उचित व्यवस्था नहीं है.
मंडी अधिकारी ने दिया आश्वासन, किसान बोले- कार्रवाई नहीं तो आंदोलन
मंडी अधिकारी उज्ज्वल जैन ने किसानों की सभी मांगों और समस्याओं को गंभीरता से सुना. उन्होंने किसानों को आश्वस्त किया कि तय सात दिनों की समय सीमा के भीतर मंडी परिसर में आवश्यक सुधार कार्य और समस्याओं का स्थायी समाधान कर दिया जाएगा. दूसरी ओर, भारतीय किसान संघ ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि इस अल्टीमेटम के बाद भी स्थितियां नहीं बदलीं, तो मंडी प्रशासन के खिलाफ बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा, जिसकी समस्त जिम्मेदारी स्वयं प्रशासन की होगी.

