प्रतापगढ़ आईपीएल क्रिकेट मैचों के सीजन में सट्टेबाजी का काला कारोबार करने वाले गिरोह के खिलाफ प्रतापगढ़ पुलिस ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है. पुलिस ने एक सुनियोजित छापेमारी के दौरान ऑनलाइन सट्टा चला रहे 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. इस नेटवर्क के तार इतने गहरे हैं कि शुरुआती जांच में ही करीब 12 करोड़ 75 लाख रुपये के अवैध लेन-देन का हिसाब-किताब सामने आया है.
फार्महाउस में चल रहा था ‘कंट्रोल रूम’

जिला पुलिस अधीक्षक बी. आदित्य के निर्देशन में गठित विशेष टीम को सूचना मिली थी कि शहर के सर्वोदय स्कूल के पास एक फार्महाउस में सट्टेबाजी का हाईटेक अड्डा चल रहा है. 8 अप्रैल की रात पुलिस की संयुक्त टीम (DST, क्यूआरटी और साइबर सेल) ने जब फार्महाउस की पहली मंजिल पर दबिश दी, तो वहां का नजारा किसी कॉल सेंटर जैसा था. 6 युवक लैपटॉप और दर्जनों मोबाइल फोन के जरिए आईपीएल मैचों पर दांव लगवा रहे थे.
वेबसाइट और ऐप्स के जरिए फैला था जाल
पूछताछ में सामने आया कि यह गिरोह Star66.co और Diamondexch.com जैसे प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर रहा था. आरोपी ग्राहकों को ऑनलाइन आईडी उपलब्ध कराते थे, जहाँ पॉइंट्स के आधार पर सट्टा लगाया जाता था. हार-जीत का सारा हिसाब ‘फोनपे’ और अन्य डिजिटल माध्यमों से तुरंत चुकता किया जाता था. गिरोह का मुख्य सरगना अंकित डोशी बताया जा रहा है, जो खुद मौके पर मौजूद नहीं था लेकिन सीसीटीवी के जरिए दूर बैठकर पूरी गतिविधि को नियंत्रित कर रहा था.
भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त
पुलिस ने मौके से जो सामान बरामद किया है, वह चौंकाने वाला है:
- 06 लैपटॉप और 38 स्मार्टफोन्स (आईफोन, वनप्लस सहित)
- 48 सक्रिय सिम कार्ड और वाई-फाई डिवाइस
- एटीएम कार्ड, सीसीटीवी कैमरे और इलेक्ट्रॉनिक बोर्ड
- 05 लाल डायरियां और रजिस्टर (जिनमें करोड़ों का हिसाब दर्ज है)
दस्तावेजों की जांच में पता चला कि अक्टूबर 2025 से अप्रैल 2026 के बीच करीब 12.54 करोड़ रुपये का ट्रांजैक्शन किया गया था.
पुलिस की बड़ी कामयाबी
प्रशिक्षु आरपीएस राहुल गोयल, थाना प्रभारी शंभुसिंह और उनकी टीम ने सभी आरोपियों को भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023, आरपीजीओ एक्ट और आईटी एक्ट की धाराओं में गिरफ्तार किया है. पुलिस अब मुख्य सरगना अंकित डोशी की तलाश में जुटी है. अधिकारियों का कहना है कि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और बैंक खातों की भी गहनता से जांच की जा रही है.

