राजस्थान की प्रतापगढ़ जिला पुलिस ने ‘ऑपरेशन त्रिनेत्र’ के तहत नशे के सौदागरों के खिलाफ अब तक की एक बेहद बड़ी और प्रभावी कार्रवाई को अंजाम दिया है. केसरियावाद थाना पुलिस ने एक खेत में दबिश देकर करीब 151 किलो से अधिक वजन के अवैध गांजे के पौधे जब्त किए हैं. अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस जब्त शुदा गांजे की अनुमानित कीमत करीब 75 लाख 50 हजार रुपये आंकी जा रही है.
मिर्ची और गन्ने की आड़ में उगा रखी थी फसल
यह पूरी कार्रवाई केसरियावाद थाना क्षेत्र के शिवपुरी मण्डात फला गांव में की गई. थानाधिकारी रमेशचंद्र (उनि) को मुखबिर के जरिए एक पुख्ता सूचना मिली थी कि गांव के एक खेत में फसलों की आड़ में अवैध रूप से गांजे की खेती की जा रही है. सूचना की तस्दीक के बाद जब पुलिस टीम ने खेत की घेराबंदी कर तलाशी ली, तो वहां का नजारा देखकर दंग रह गई.
तस्कर ने पुलिस की नजरों से बचने के लिए खेत में मिर्ची, गन्ना और घास उगाई हुई थी, लेकिन इन्हीं फसलों के बीचों-बीच भारी मात्रा में हरे, गीले पत्तों और बीज युक्त गांजे (केनाबिस) के ऊंचे-ऊंचे पौधे लहलहा रहे थे. पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए सभी पौधों को जड़ से उखाड़ा और उनका वजन करवाया, जो कुल 151 किलो 75 ग्राम पाया गया.
खेत मालिक के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट में मामला दर्ज
पुलिस जांच में सामने आया कि यह खेत शिवपुरी मण्डात फला निवासी राया पिता उदिया मीणा का है, जिसने लालच में आकर अपने खेत में इस काली कमाई की फसल को बो रखा था. पुलिस ने मौके से सारा अवैध गांजा जब्त कर लिया है और आरोपी खेत मालिक के खिलाफ केसरियावाद थाने में धारा 8/20 एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है.
बड़े अधिकारियों के मार्गदर्शन में मिली सफलता
मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाया गया यह सफल अभियान प्रतापगढ़ जिला पुलिस अधीक्षक बी. आदित्य के सख्त निर्देशों पर आयोजित हुआ. इस पूरी कार्रवाई को अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गजेंद्रसिंह जोधा एवं पुलिस उप अधीक्षक नानालाल सालवी के कुशल मार्गदर्शन में थानाधिकारी रमेशचंद्र के नेतृत्व वाली विशेष टीम ने सफलतापूर्वक अंजाम दिया. पुलिस अब इस बात का पता लगा रही है कि आरोपी इस गांजे की सप्लाई कहां और किन-किन लोगों को करने वाला था.

