सलूम्बर जिले के झाड़ोल गांव में मंगलवार सुबह उस वक्त बड़ा हड़कंप मच गया, जब घनी आबादी के बीच स्थित एक कच्चे मकान में अचानक भीषण आग लग गई. देखते ही देखते आग की ऊंची-ऊंची लपटें और धुएं का गुबार आसमान में उठने लगा. मकान के भीतर भारी मात्रा में लकड़ियां और गोबर के कंडे रखे होने के कारण आग तेजी से फैलने लगी. चूंकि आसपास कई अन्य मकान थे, इसलिए कुछ ही मिनटों में सैकड़ों लोगों में अफरा-तफरी मच गई. हालांकि, पुलिस, दमकल विभाग और ग्रामीणों की सूझबूझ से एक बड़ा हादसा होने से टल गया.
कांस्टेबल जगदीश सिंह ने दिखाई बहादुरी
सुबह करीब 9:30 बजे विजयचंद जिमावत के कच्चे मकान में आग भड़की थी. तेज हवाओं के कारण खतरा लगातार बढ़ रहा था। सूचना मिलते ही झाड़ोल पुलिस चौकी के कांस्टेबल जगदीश सिंह राठौड़ तुरंत मौके पर पहुंचे. उन्होंने बिना वक्त गंवाए मोर्चा संभाला और सबसे पहले आसपास के घरों से लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला. इसके बाद उन्होंने आग के पास पड़ी लकड़ियों और ज्वलनशील सामग्री को हटवाया ताकि आग आगे न फैले.
दमकल और ग्रामीणों ने पाया काबू


कांस्टेबल जगदीश सिंह और स्थानीय ग्रामीणों ने बाल्टियों से पानी डालकर दमकल के आने तक आग की रफ्तार को रोके रखा. इसके बाद नगर परिषद आयुक्त गणपतलाल खटीक के निर्देश पर अग्निशमन कर्मी जयेश सेवक और शंकरलाल वाल्मीकि दमकल के साथ मौके पर पहुंचे. भारी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया.
राहत की बात यह रही कि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई, हालांकि मकान में रखा घरेलू सामान जलकर राख हो गया. बचाव कार्य में शांतिलाल मालवी, राहुल कलाल, दीपक सुथार सहित सैकड़ों ग्रामीणों ने सराहनीय सहयोग दिया.

