डूंगरपुर राजकीय महाविद्यालय सीमलवाड़ा में शैक्षणिक और प्रशासनिक लचर व्यवस्था को लेकर चौरासी विधायक अनिल कटारा ने औचक निरीक्षण किया. इस औचक कार्रवाई से कॉलेज प्रशासन में हड़कंप मच गया. निरीक्षण के दौरान कॉलेज परिसर में भारी अव्यवस्था, गंदगी और सबसे चौंकाने वाला खुलासा कॉलेज के प्राचार्य (प्रिंसिपल) की उपस्थिति को लेकर हुआ. विधायक के सामने आया कि जिम्मेदार पदों पर बैठे अधिकारी ही नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं.


महीने में सिर्फ एक बार आते हैं प्राचार्य, व्यवस्थाएं राम भरोसे
विधायक अनिल कटारा के निरीक्षण के दौरान कॉलेज परिसर में चारों तरफ गंदगी का अंबार और साफ-सफाई की स्थिति अत्यंत खराब पाई गई. वहीं, जब स्टाफ और प्रशासनिक रिकॉर्ड को देखा गया, तो सामने आया कि महाविद्यालय के प्राचार्य नियमित रूप से उपस्थित ही नहीं रहते हैं. प्राप्त जानकारी के अनुसार, वे पूरे महीने में महज एक बार ही कॉलेज आते हैं. प्राचार्य के इस रवैये के कारण कॉलेज के जरूरी शैक्षणिक और प्रशासनिक कार्य पूरी तरह ठप पड़े हैं और पूरी व्यवस्था राम भरोसे चल रही है.
छात्रों का फूटा दर्द, कहा- सर! लगती ही नहीं हैं कक्षाएं
इस दौरान कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने विधायक अनिल कटारा को घेरकर अपनी पीड़ा सुनाई. विद्यार्थियों ने लिखित और मौखिक शिकायत दर्ज कराते हुए कहा कि कॉलेज में नियमित रूप से कक्षाएं संचालित ही नहीं होती हैं. प्रोफेसरों की मनमर्जी और लचर अध्ययन व्यवस्था के कारण उनका भविष्य अंधकार में लटक रहा है. छात्रों ने विधायक से सीमलवाड़ा कॉलेज में शिक्षण व्यवस्था में तुरंत सुधार करने और नियमित अध्यापन सुनिश्चित करवाने की गुहार लगाई.
विधायक की सख्त चेतावनी- छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं
अव्यवस्थाओं और छात्रों की शिकायतें सुनने के बाद विधायक अनिल कटारा ने कॉलेज प्रशासन और उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारियों पर गहरी नाराजगी व्यक्त की. उन्होंने मौके से ही उच्च अधिकारियों को फोन कर तत्काल सुधारात्मक और सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए. विधायक ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि विद्यार्थियों के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. कॉलेज में नियमित उपस्थिति, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर माहौल सुनिश्चित करना प्रशासन की पहली जिम्मेदारी है, जिसमें लापरवाही पर बख्शा नहीं जाएगा.

