उदयपुर झीलों की नगरी उदयपुर के प्रतापनगर थाना क्षेत्र में मंगलवार देर रात एक बड़ा सड़क हादसा होते-होते टल गया. शहर के प्रसिद्ध बोहरा गणेश जी मंदिर के बाहर उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक तेज रफ्तार ईको वैन अनियंत्रित होकर सड़क किनारे स्थित एक दुकान के शटर को तोड़ते हुए अंदर जा घुसी. चौंकाने वाली बात यह रही कि इस वैन को मात्र 14 वर्ष के दो नाबालिग लड़के चला रहे थे.
तेज आवाज से दहला इलाका
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घटना मंगलवार देर रात की है. सन्नाटे के बीच अचानक जोरदार धमाके की आवाज सुनकर आसपास के लोग घरों और दुकानों से बाहर निकल आए. उन्होंने देखा कि एक सफेद रंग की ईको वैन दुकान के शटर को पूरी तरह क्षतिग्रस्त कर चुकी थी. हादसे की भयावहता देख मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई. लोगों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया और गाड़ी में फंसे दोनों नाबालिगों को बाहर निकाला
बाल-बाल बची जान
गनीमत यह रही कि रात का समय होने के कारण दुकान बंद थी और सड़क पर आवाजाही कम थी, अन्यथा कोई बड़ी जनहानि हो सकती थी. हादसे में दोनों लड़कों को मामूली चोटें आई हैं, जिन्हें स्थानीय लोगों ने प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया. टक्कर इतनी जोरदार थी कि गाड़ी का अगला हिस्सा और दुकान का लोहे का शटर बुरी तरह पिचक गया.
अभिभावकों की लापरवाही पर उठे सवाल
इस घटना ने एक बार फिर शहर में नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने की गंभीर समस्या को उजागर कर दिया है. स्थानीय निवासियों ने इस पर गहरा रोष व्यक्त किया है. लोगों का कहना है कि 14 साल के बच्चों के हाथ में गाड़ी की चाबी सौंपना सीधे तौर पर मौत को दावत देने जैसा है. क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे मामलों में केवल बच्चों पर ही नहीं, बल्कि उनके अभिभावकों पर भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए. पुलिस अब इस मामले की जांच कर रही है कि आखिर देर रात इन बच्चों के पास वाहन कैसे पहुँचा और इसके मालिक कौन हैं.
प्रशासन की अपील: यातायात पुलिस ने अपील की है कि अभिभावक अपने नाबालिग बच्चों को वाहन न दें। मोटर व्हीकल एक्ट के नए नियमों के तहत अब ऐसे मामलों में भारी जुर्माने और जेल का प्रावधान है.

