राजस्थान में पूर्ण नशा मुक्ति और कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने के प्रयासों के बीच उदयपुर जिले से एक शर्मनाक मामला सामने आया है. यहाँ गोगुंदा आबकारी विभाग की टीम ने Dry Day के अवसर पर अवैध रूप से शराब बेचते हुए एक सरकारी स्कूल के शिक्षक को गिरफ्तार किया है. शिक्षा के मंदिर में ज्ञान का दीप जलाने वाले शिक्षक का इस तरह अवैध गतिविधियों में लिप्त होना क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है.
गश्त के दौरान हुई बड़ी कार्रवाई
जानकारी के अनुसार, गोगुंदा आबकारी निरीक्षक शंभू सिंह राठौड़ के नेतृत्व में टीम सुलाव-कागवास रोड स्थित बिकरणी तिराहे पर गश्त कर रही थी. इसी दौरान टीम को सूचना मिली कि एक व्यक्ति भारी मात्रा में शराब के साथ वहां मौजूद है और अवैध बिक्री कर रहा है. टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घेराबंदी की और आरोपी को रंगे हाथों पकड़ लिया.
भारी मात्रा में शराब और बियर जब्त
आबकारी विभाग की इस रेड में मौके से अवैध शराब और बियर का भारी जखीरा बरामद किया गया है. टीम ने आरोपी के पास से अवैध माल को जब्त कर उसे हिरासत में ले लिया. पूछताछ में आरोपी की पहचान अजीत कुमार के रूप में हुई है, जो कि शिक्षा विभाग में कार्यरत है.
दो स्कूलों की जिम्मेदारी, फिर भी अपराध की राह
हैरानी की बात यह है कि गिरफ्तार आरोपी अजीत कुमार राजकीय प्राथमिक विद्यालय, छापर (मांडवा थाना क्षेत्र) में कार्यरत है. इसके साथ ही उसके पास राजकीय प्राथमिक विद्यालय, गोरिया का भी अतिरिक्त प्रभार है. एक जिम्मेदार पद और दो स्कूलों की जिम्मेदारी होने के बावजूद शिक्षक ड्राई-डे के दिन शराब की तस्करी में लिप्त पाया गया.
मामला दर्ज, अनुसंधान जारी
आबकारी विभाग ने आरोपी शिक्षक के खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है. वर्तमान में आरोपी को गोगुंदा आबकारी थाने लाया गया है, जहां पुलिस और आबकारी अधिकारी उससे गहन पूछताछ कर रहे हैं. विभाग यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि शिक्षक लंबे समय से इस कारोबार में शामिल था या इसके पीछे कोई बड़ा गिरोह काम कर रहा है. इस घटना के बाद शिक्षा विभाग द्वारा भी आरोपी शिक्षक पर निलंबन की गाज गिरना तय माना जा रहा है.

