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उदयपुर: रेलवे सुरक्षा पर हाई-लेवल मीटिंग; आईजी ने दिए तस्करी और अपराध पर ज़ीरो टॉलरेंस के निर्देश

झीलों की नगरी उदयपुर में रेलवे सुरक्षा और यात्री सुविधाओं को लेकर एक अत्यंत महत्वपूर्ण उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई. रेलवे नेटवर्क के माध्यम से बढ़ते अपराध और तस्करी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए रेलवे के आला अधिकारियों ने मंथन किया. इस बैठक में सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाने और अपराधियों पर नकेल कसने के लिए कड़े दिशा-निर्देश जारी किए गए.

आईजी स्तर के अधिकारियों ने की समीक्षा

बैठक की अध्यक्षता करने के लिए रेलवे के आईजी (इन्स्पेक्टर जनरल) स्वयं उदयपुर पहुँचे. उन्होंने संभाग के रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और राजकीय रेलवे पुलिस (GRP) के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ वर्तमान सुरक्षा परिदृश्य की विस्तृत समीक्षा की. आईजी ने स्पष्ट किया कि बदलती चुनौतियों के बीच रेलवे की सुरक्षा प्रणाली को और अधिक आधुनिक और मुस्तैद बनाने की आवश्यकता है.

यात्री सुरक्षा सर्वोपरि: शिकायतों का होगा त्वरित समाधान

आईजी ने अधिकारियों को दो टूक शब्दों में कहा कि “यात्रियों की सुरक्षा और उनकी गरिमा” रेलवे की सर्वोच्च प्राथमिकता है. यात्रा के दौरान यात्रियों को होने वाली किसी भी प्रकार की असुविधा या छेड़खानी जैसी शिकायतों को अत्यंत गंभीरता से लिया जाए. उन्होंने निर्देश दिए कि हेल्पलाइन और फीडबैक सिस्टम के माध्यम से प्राप्त शिकायतों का समाधान एक निश्चित समय सीमा के भीतर सुनिश्चित किया जाए.

तस्करी और संदिग्ध गतिविधियों पर ‘स्पेशल वॉच’

हाल के दिनों में रेलवे मार्ग से अवैध मादक पदार्थों और तस्करी के बढ़ते मामलों पर बैठक में गहरी चिंता व्यक्त की गई. आईजी ने इंटेलिजेंस विंग को सक्रिय करने और संदिग्ध तत्वों पर चौबीसों घंटे पैनी नजर रखने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि रेलवे नेटवर्क का दुरुपयोग करने वाले तत्वों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए.

तकनीक और समन्वय पर जोर

सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए आईजी ने निम्नलिखित बिंदुओं पर विशेष जोर दिया:

  • CCTV निगरानी: स्टेशन के कोने-कोने और ट्रेनों के भीतर सीसीटीवी कवरेज को और अधिक प्रभावी बनाया जाए.
  • एजेंसी समन्वय: RPF और GRP के बीच सूचनाओं के त्वरित आदान-प्रदान के लिए बेहतर तालमेल बिठाया जाए.
  • तकनीकी संसाधन: आधुनिक उपकरणों और डेटा एनालिसिस का उपयोग कर अपराधों की रोकथाम की जाए.

इस बैठक के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि उदयपुर संभाग के रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में सुरक्षा व्यवस्था पहले से कहीं अधिक चाक-चौबंद नजर आएगी.

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