उदयपुर शहर के समीपवर्ती ग्राम मनवाखेड़ा में स्थित प्राचीन एवं प्रसिद्ध रेलेश्वर महादेव मंदिर जाने वाले मुख्य मार्ग पर सीवरेज लाइन ओवरफ्लो होने से स्थिति नारकीय बन गई है. सीवरेज का गंदा और बदबूदार पानी पूरी सड़क पर फैलने के कारण मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं, स्थानीय ग्रामीणों और राहगीरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, जिससे क्षेत्रवासियों में प्रशासन के खिलाफ भारी आक्रोश है.
स्मार्ट सिटी के दावों और निर्माण की खुली पोल
मामले की गंभीरता को देखते हुए मेवाड़ किसान संघर्ष समिति के संयोजक विष्णु पटेल ने मौके का निरीक्षण किया. उन्होंने स्मार्ट सिटी परियोजना के अधिकारियों और उनकी कार्यप्रणाली पर तीखा निशाना साधते हुए कहा कि यह स्थिति निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े करती है. उन्होंने आरोप लगाया कि घटिया निर्माण और अधिकारियों की लापरवाही के कारण बार-बार सीवरेज ओवरफ्लो की समस्या सामने आ रही है, लेकिन जिम्मेदार विभाग स्थायी समाधान करने के बजाय मूकदर्शक बना हुआ है.
आस्था आहत, संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ा
समिति ने नाराजगी जताते हुए कहा कि धार्मिक आस्था के इतने बड़े केंद्र तक जाने वाले मार्ग पर गंदगी और सीवरेज का बहता पानी प्रशासन की घोर संवेदनहीनता को दर्शाता है. इससे जहां एक ओर श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाएं आहत हो रही हैं, वहीं दूसरी ओर क्षेत्र में संक्रामक बीमारियां और महामारी फैलने का खतरा भी तेजी से बढ़ रहा है.
अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग, जनआंदोलन की चेतावनी
मेवाड़ किसान संघर्ष समिति ने जिला प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग की है कि सीवरेज लाइन की तत्काल मरम्मत करवाकर इस मुख्य मार्ग को साफ कराया जाए. साथ ही, दोषपूर्ण निर्माण के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदारों के विरुद्ध उच्चस्तरीय जांच कर सख्त कार्रवाई की जाए. समिति ने साफ चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ही इस समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ, तो क्षेत्रवासियों और श्रद्धालुओं को साथ लेकर एक व्यापक जनआंदोलन शुरू किया जाएगा, जिसकी समस्त जिम्मेदारी प्रशासन की होगी.

