उदयपुर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) और परिवहन विभाग ने सुरक्षित सफर के नागरिकों के अधिकार की रक्षा के लिए एक बड़ा संयुक्त अभियान चलाया है. जिला एवं सेशन न्यायाधीश (अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण) ज्ञान प्रकाश गुप्ता के निर्देशों के क्रम में सूखेर थाना क्षेत्र के खेलगांव चौराहे पर अवैध रूप से संचालित और अनधिकृत बदलाव (Modification) करने वाली स्लीपर व लक्जरी बसों के खिलाफ मंगलवार को बड़ी औचक कार्रवाई की गई.
3 बसें सीज, 9 बसों के काटे चालान
मोटर वाहन अधिनियम, 1988 और AIS-119 के नियमों का उल्लंघन कर बसों की बनावट में अवैध संरचनात्मक संशोधन (Structural Modifications) करने वाले संचालकों पर टीम ने सख्त शिकंजा कसा. कार्रवाई के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:
- कुल निरीक्षण: अभियान के तहत खेलगांव चौराहे पर कुल 20 बसों की सघन जांच (Inspected) की गई.
- जुर्माना और चालान: विभिन्न नियमों की अवहेलना करने पर 9 बसों के खिलाफ चालान बनाए गए और संचालकों पर कुल ₹1,20,000 (एक लाख बीस हजार) का जुर्माना लगाया गया.
- मौके पर सीज: गंभीर अनियमितताएं और अनधिकृत स्लीपर केबिन पाए जाने पर 3 लक्जरी बसों को मौके पर ही सीज (Seized) कर दिया गया.
सुरक्षित सफर के लिए अभियान रहेगा जारी
इस विशेष औचक निरीक्षण के दौरान न्यायपालिका, प्रशासन और पुलिस विभाग के आला अधिकारी मौके पर मुस्तैद रहे. इसमें अपर जिला न्यायाधीश एवं सचिव (DLSA) राहुल चौधरी, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) मनीष कुमार जोशी, जिला परिवहन अधिकारी (DTO) मुकेश डाड और परिवहन निरीक्षक राजेंद्र दन्तसुलिया, तेजपाल व घनश्याम मीणा शामिल थे.
अधिकारियों ने कड़ा संदेश देते हुए कहा कि लक्जरी और स्लीपर बसों में अनधिकृत बदलाव सड़क सुरक्षा के लिए एक गंभीर खतरा हैं, जिससे अक्सर भीषण हादसे होते हैं. नियमों का उल्लंघन करने वाले बस संचालकों को कतई बख्शा नहीं जाएगा और यह अभियान आगे भी सख्ती से जारी रहेगा.
आमजन से अपील और शिकायत का माध्यम
प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि यह जांच यात्रियों की सुरक्षा और जान-माल की हानि को रोकने के लिए है, अतः इसमें सहयोग करें. यदि कोई यात्री किसी ट्रेवल्स एजेंसी की मनमानी या नियमों के उल्लंघन के विरुद्ध कार्रवाई करना चाहता है, तो वह न्यायालय परिसर स्थित जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, उदयपुर में संपर्क कर स्थाई लोक अदालत में अपना वाद (शिकायत) ला सकता है.

