बांसवाड़ा मानगढ़ धाम को राष्ट्रीय स्मारक घोषित करने की मांग को लेकर बांसवाड़ा शहर में आदिवासी कांग्रेस ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया. शहर के व्यस्त मोहन कॉलोनी चौराहे पर एकत्र हुए पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने सड़क पर टायर जलाकर केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अपना आक्रोश व्यक्त किया.
ऐतिहासिक व भावनात्मक आस्था का केंद्र है मानगढ़ धाम
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे आदिवासी कांग्रेस के जिलाध्यक्ष प्रकाश निनामा ने कहा कि मानगढ़ धाम केवल एक स्थान नहीं, बल्कि आदिवासी समाज की ऐतिहासिक शहादत, स्वाभिमान और भावनात्मक आस्था का बहुत बड़ा केंद्र है. उन्होंने सरकार से मांग की कि मानगढ़ धाम की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि को देखते हुए इसे शीघ्र अति शीघ्र ‘राष्ट्रीय स्मारक’ का दर्जा दिया जाए, ताकि इसके बलिदान की गाथा को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल सके.
केंद्रीय मंत्री के बयान पर भड़का आक्रोश
विरोध प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने केंद्रीय संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत के उस हालिया बयान पर कड़ा रोष जताया, जिसमें उन्होंने मानगढ़ धाम को राष्ट्रीय स्मारक घोषित करने से जुड़ा कोई प्रस्ताव लंबित होने से इंकार किया था. कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ और भाजपा सरकार के खिलाफ उग्र नारेबाजी की.
मांग पूरी न होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी
प्रदर्शन में मनोहर खड़िया, प्रकाश मेड़ा सहित आदिवासी समाज व कांग्रेस के कई प्रमुख कार्यकर्ता और प्रतिनिधि उपस्थित रहे. आदिवासी कांग्रेस के नेताओं ने चेतावनी देते हुए स्पष्ट किया कि यदि सरकार ने जनभावनाओं का सम्मान करते हुए मानगढ़ धाम को जल्द राष्ट्रीय दर्जा नहीं दिया, तो यह आंदोलन केवल बांसवाड़ा तक सीमित नहीं रहेगा और आने वाले दिनों में पूरे प्रदेश स्तर पर और अधिक उग्र आंदोलन छेड़ा जाएगा.

