डूंगरपुर बांसवाड़ा जिले में हाल ही में हुए भीषण स्कूल वाहन हादसे के बाद पड़ोसी जिले डूंगरपुर में भी पुलिस और यातायात विभाग पूरी तरह हरकत में आ गया है. राज्य सरकार से मिले कड़े निर्देशों के बाद शुक्रवार सुबह डूंगरपुर पुलिस ने शहर के प्रमुख चौराहों और पॉइंट्स पर विशेष नाकेबंदी कर बाल वाहिनियों (स्कूल वाहनों) के खिलाफ एक व्यापक सघन जांच अभियान चलाया.


सुबह-सुबह चौराहों पर पुलिस की दबिश
स्कूल समय के दौरान पुलिस टीमों ने सड़कों पर उतरकर बसों, ऑटो-रिक्शा और वैनों को रोककर उनकी गहन जांच की. इस दौरान पुलिस अधिकारियों ने वाहनों के दस्तावेज, फिटनेस सर्टिफिकेट, हेडलाइट्स, ब्रेक और सबसे महत्वपूर्ण—बच्चों की बैठने की क्षमता (सीटिंग कैपेसिटी) की जांच की.
क्षमता से अधिक बच्चे, सुरक्षा से खिलवाड़
जांच के दौरान पुलिस को बेहद चौंकाने वाली स्थितियां देखने को मिलीं. कई चालकों ने निर्धारित क्षमता से दोगुने और तीन गुने तक मासूम बच्चों को ठूंस-ठूंसकर भरा हुआ था, जिससे बच्चों की सुरक्षा सीधे तौर पर गंभीर खतरे में थी. नियमों की धज्जियां उड़ते देख पुलिस ने तुरंत कड़ा रुख अपनाया और क्षमता से अधिक बच्चे ले जा रही गाड़ियों को मौके पर ही जब्त कर लिया.
प्रशासन की सख्त हिदायत
पुलिस प्रशासन ने सभी स्कूल प्रबंधनों और वाहन चालकों को सख्त लहजे में पाबंद किया है कि वे सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइंस और यातायात नियमों का पालन करें. चेतावनी दी गई है कि भविष्य में ऐसी लापरवाही पाए जाने पर वाहनों के परमिट निरस्त किए जाएंगे और सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
संवेदनशीलता: बच्चों को सुरक्षित पहुंचाया स्कूल

कार्रवाई के दौरान पुलिस ने बच्चों की पढ़ाई और सुरक्षा का भी पूरा ध्यान रखा. पुलिस प्रशासन ने संवेदनशीलता दिखाते हुए जब्त वाहनों के मासूम बच्चों को तुरंत सरकारी व वैकल्पिक निजी वाहनों के माध्यम से सुरक्षित उनके-उनके स्कूलों तक पहुंचाया.

