बांसवाड़ा जिले के रिजर्व पुलिस लाइन स्थित शौर्य सदन सभागार में बुधवार को पुलिस अधीक्षक सुधीर जोशी की अध्यक्षता में जिला स्तरीय अपराध गोष्ठी (क्राइम मीटिंग) का आयोजन किया गया. बैठक में आगामी त्योहारों के मद्देनजर कानून-व्यवस्था बनाए रखने, पेंडिंग मामलों के त्वरित निस्तारण, अवैध गतिविधियों पर अंकुश और वांछित अपराधियों की धरपकड़ को लेकर गहन समीक्षा की गई तथा अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए.
वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में विस्तृत समीक्षा
आयोजित इस बैठक में एएसपी नरपत सिंह, जिले के सभी वृत्ताधिकारी (सीओ), समस्त थानाधिकारी एवं विभिन्न शाखाओं के प्रभारी उपस्थित रहे. बैठक में वर्ष 2024 से 2026 तक के अपराधों, पेंडेंसी और निस्तारण प्रतिशत की तुलनात्मक समीक्षा की गई. विशेष रूप से पोक्सो, दुष्कर्म और एससी/एसटी एक्ट के 60 दिनों से अधिक लंबित मामलों की जांच जल्द पूरी करने पर जोर दिया गया.
ऑपरेशन्स और तकनीकी मॉड्यूल का लिया जायजा
एसपी ने ऑपरेशन ‘सुदर्शन चक्र-2’, ‘ऑपरेशन त्रिनेत्र’ और ‘महिला सुरक्षा संकल्प अभियान’ की प्रगति रिपोर्ट देखी. इसके साथ ही CCTNS, ऑनलाइन एफआईआर, ई-साक्ष्य प्रणाली और मालखाना पेंडेंसी के स्टेटस की जांच की गई. वाहन चोरी, सड़क दुर्घटनाओं पर रोक, चालान कार्रवाई, टॉप-10 अपराधियों, इनामी बदमाशों और भगोड़ों की गिरफ्तारी को लेकर भी रणनीति तय की गई.
एसपी ने अधिकारियों को दिए यह सख्त निर्देश:
- मामलों का निस्तारण: लंबित प्रकरणों का थाना-वार रिव्यू कर उनका शीघ्र निस्तारण किया जाए. चोरी, लूट और नकबजनी के अनट्रेस्ड मामलों का जल्द खुलासा हो.
- अवैध गतिविधियों पर कड़ा प्रहार: अवैध मादक पदार्थों और अवैध खनन के परिवहन/तस्करी पर प्रभावी रोक लगाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए.
- सड़क सुरक्षा व गश्त: यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई हो. मानसून के मौसम को देखते हुए थाना क्षेत्रों में प्रभावी गश्त और नाकाबंदी बढ़ाकर असामाजिक तत्वों को दबोचा जाए.

