उदयपुर NEET परीक्षा पेपर लीक मामले की निष्पक्ष जांच, प्रभावित अभ्यर्थियों को न्याय दिलाने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर गुरुवार को भील प्रदेश मोर्चा और भील प्रदेश विद्यार्थी मोर्चा (BPVM) ने कलेक्ट्रेट के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया. प्रदर्शन के बाद कार्यकर्ताओं ने जिला कलेक्टर के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार सहित आठ सूत्रीय मांगें रखीं.

सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज की निगरानी में हो जांच
प्रदर्शन के दौरान छात्र-छात्राओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. छात्र नेताओं ने कहा कि पेपर लीक जैसी घटनाओं ने देश के लाखों मेहनती छात्रों के भविष्य और पूरी परीक्षा प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. संगठन ने मांग की कि इस पूरे प्रकरण की जांच सर्वोच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की देखरेख में निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से कराई जाए.
प्रभावित छात्रों को मिले मदद, जंतर-मंतर पर दर्ज केस हों वापस
छात्र नेता निशानकर सिंह डामोर ने कहा कि पेपर लीक से अभ्यर्थी मानसिक तनाव झेल रहे हैं, इसलिए दोषियों को कड़ी सजा देने के साथ-साथ प्रभावित छात्रों को आर्थिक और मानसिक संबल दिया जाना चाहिए. ज्ञापन में दिल्ली के जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों और सामाजिक कार्यकर्ताओं पर दर्ज मुकदमे वापस लेने व उनकी रिहाई की मांग भी उठाई गई.
सोनम वांगचुक के समर्थन में उठी आवाज, सुधारों की मांग
प्रदर्शनकारियों ने शिक्षाविद व पर्यावरणविद सोनम वांगचुक के समर्थन में आवाज उठाते हुए उनके साथ संवैधानिक व्यवहार करने की अपील की. इसके अलावा, राष्ट्रीय परीक्षा प्रणाली को तकनीकी रूप से सुरक्षित और पारदर्शी बनाने की मांग की गई. संगठन ने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को देशभर में व्यापक रूप दिया जाएगा.

