डूंगरपुर जिले के मोदर गांव के बरण्डा फला से एक हैरान करने वाली खबर सामने आई है, जहाँ बुनियादी सुविधाओं के अभाव में नौनिहालों और गर्भवती महिलाओं को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. गाँव स्थित आंगनवाड़ी केंद्र तक पहुँचने के लिए सड़क न होने और आंगनवाड़ी सहायिका की कथित मनमानी से परेशान ग्रामीणों ने एकजुट होकर प्रशासन को ज्ञापन सौंपा है. ग्रामीणों ने जल्द से जल्द सीसी (CC) सड़क निर्माण कराने और सहायिका के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठाई है.
1 किमी कच्चा रास्ता बना मुसीबत, नदी पार कर पहुंचता है पोषाहार
ग्रामीणों ने प्रशासन को बताया कि बरण्डा फला आंगनवाड़ी केंद्र तक पहुंचने के लिए करीब एक किलोमीटर का बेहद कच्चा और दुर्गम रास्ता है. बारिश के दिनों में यह रास्ता कीचड़ में तब्दील हो जाता है, जिससे छोटे बच्चों, धात्री और गर्भवती महिलाओं का केंद्र तक पहुंचना नामुमकिन हो जाता है. सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि केंद्र के लिए आने वाला सरकारी पोषाहार मुख्य सड़क पर ही उतार दिया जाता है. इसके बाद आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और उनके पति पोषाहार के सामान को अपने सिर पर उठाकर और नदी पार करके जैसे-तैसे केंद्र तक पहुंचाते हैं.
सहायिका पर लेट-लतीफी और अभद्र व्यवहार का आरोप
ज्ञापन में ग्रामीणों ने आंगनवाड़ी सहायिका की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं. ग्रामीणों का आरोप है कि सहायिका केंद्र पर कभी समय पर नहीं आती और छोटे बच्चों के साथ अभद्र व्यवहार करती है. इसके अलावा, वह बच्चों के लिए भोजन बनाने में भी कोई सहयोग नहीं करती और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के साथ लगातार असहयोग का रवैया अपनाए हुए है, जिससे केंद्र का संचालन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है.
प्रशासन से निष्पक्ष जांच और सीसी रोड की मांग
ग्रामीणों ने चेतावनी भरे लहजे में प्रशासन से मांग की है कि नौनिहालों के भविष्य और गर्भवती महिलाओं की सुविधा को देखते हुए केंद्र तक शीघ्र सीसी सड़क का निर्माण कराया जाए. साथ ही सहायिका पर लगे गंभीर आरोपों की निष्पक्ष जांच कराकर आवश्यक अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए ताकि आंगनवाड़ी केंद्र की व्यवस्थाओं को दुरुस्त किया जा सके.

