डूंगरपुर जिले के धंबोला थाना क्षेत्र अंतर्गत सीमलवाड़ा गांव में 20 वर्षीय एक मजदूर युवक की बीमारी के कारण मौत हो गई. युवक की मौत के बाद परिजनों ने शव को ठेकेदार के लेबर कैंप में रखकर मुआवजे (‘मौताणे’) की मांग को लेकर हंगामा शुरू कर दिया. घटना की सूचना मिलते ही धंबोला थाना पुलिस मौके पर पहुँची और परिजनों को समझा-बुझाकर स्थिति को शांत कराने के प्रयास में जुट गई है.
मजदूरी के दौरान बिगड़ी थी तबीयत
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पाडली गुजरेश्वर निवासी 20 वर्षीय कांतिलाल डामोर पुत्र लक्ष्मण लाल डामोर सीमलवाड़ा में एक ठेकेदार के अधीन मजदूरी का काम करता था. कार्य के दौरान कांतिलाल की तबीयत अचानक बहुत ज्यादा बिगड़ गई. ठेकेदार ने तत्परता दिखाते हुए घटना की सूचना तुरंत उसके पिता लक्ष्मण लाल डामोर को दी.
अस्पताल के बजाय ‘भोपे’ के पास ले गए परिजन
सूचना मिलने पर पिता मौके पर पहुँचे, लेकिन गंभीर रूप से बीमार बेटे को तुरंत अस्पताल ले जाने के बजाय अंधविश्वास के चक्कर में झाड़-फूंक कराने के लिए किसी भोपे के पास ले गए. उचित डॉक्टरी इलाज मिलने में हुई देरी के कारण कांतिलाल की हालत और बिगड़ गई और अंततः उसने दम तोड़ दिया.
लेबर कैंप में शव रखकर मुआवजे की मांग
युवक की मौत के बाद परिजन उसके शव को वापस ठेकेदार के लेबर कैंप ले आए. परिजनों ने शव को कैंप में रखकर ठेकेदार से मुआवजे की जिद पकड़ ली और विरोध-प्रदर्शन शुरू कर दिया.
घटना की जानकारी मिलते ही धंबोला थाना पुलिस दल-बल के साथ मौके पर पहुँची. पुलिस अधिकारी परिजनों को अंधविश्वास से परे हटकर शव का पोस्टमार्टम कराने और वैधानिक कानूनी कार्रवाई अपनाने के लिए समझाइश दे रहे हैं, ताकि मामले का शांतिपूर्ण समाधान निकाला जा सके.

