बांसवाड़ा के बाद अब डूंगरपुर जिले में भी ‘शौर्य फाउंडेशन’ द्वारा युवाओं को सरकारी स्कूलों में नौकरी दिलाने का झांसा देकर लाखों रुपये ठगने का मामला सामने आया है. पीड़ित युवाओं ने कलेक्ट्रेट पर जोरदार प्रदर्शन करते हुए जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा और फाउंडेशन के संस्थापकों व एजेंटों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है.
1.50 लाख रुपये लेकर दिए नियुक्ति पत्र, नहीं मिला मानदेय
पीड़ितों ने बताया कि शौर्य फाउंडेशन ने वर्ष 2024 में सरकारी स्कूलों में नौकरी का विज्ञापन निकाला था. झांसे में आकर अभ्यर्थियों ने 1.50-1.50 लाख रुपये दिए, जिसके बाद उन्हें नियुक्ति पत्र जारी किए गए. युवाओं ने संबंधित सरकारी स्कूलों में तीन से चार महीने तक नियमित सेवाएं भी दीं.
फाउंडेशन की ओर से 12,700 रुपये प्रति माह मानदेय देने का वादा किया गया था, लेकिन कई महीने काम करने के बावजूद उन्हें एक भी महीने का भुगतान नहीं किया गया. मानदेय न मिलने पर जब अभ्यर्थियों ने काम बंद कर अपनी मूल राशि और बकाया पैसे मांगे, तो उन्हें लगातार टाला जाने लगा.
बाउंस हुआ गारंटी चेक, प्रशासन से गुहार
पीड़ितों का आरोप है कि एजेंटों ने विश्वास दिलाने के लिए खाली चेक दिए थे, लेकिन बैंक में पता करने पर खाते में पैसे ही नहीं मिले. एक साल से अधिक समय बीत जाने के बाद भी न तो जमा राशि लौटाई गई और न ही मानदेय दिया गया, जिससे पीड़ित युवा गहरे आर्थिक संकट में हैं.
मांग: आक्रोशित युवाओं ने जिला प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों पर धोखाधड़ी का मामला दर्ज करने और अपनी मेहनत की गाढ़ी कमाई वापस दिलाने की गुहार लगाई है.

