डूंगरपुर जिले के रामसागड़ा थाना क्षेत्र के मानातलाई गांव में चलने-फिरने में असमर्थ और मानसिक रूप से अस्वस्थ व्यक्ति का शव उसके घर के पास क्षत-विक्षत हालत में मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई. शव का निचला हिस्सा बुरी तरह से क्षत-विक्षत पाया गया है, जिससे परिजनों ने किसी जंगली जानवर के हमले की आशंका व्यक्त की है. पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपकर जांच शुरू कर दी है.
घर में अकेला रहता था मृतक, 10 दिन से नहीं मिला था खाना
रामसागड़ा थाने के एएसआई कांतिलाल ने बताया कि मानातलाई निवासी कमजी भगोरा ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई है. रिपोर्ट के अनुसार, उनका 49 वर्षीय बेटा बाबूलाल पिछले दो वर्षों से एक दुर्घटना के कारण चलने-फिरने में असमर्थ था और मानसिक रूप से भी अस्वस्थ चल रहा था. पत्नी के छोड़ जाने के बाद बाबूलाल घर में अकेला ही रहता था. उसका बड़ा भाई उसे भोजन दिया करता था, लेकिन पिछले 10 दिनों से उसे खाना देना भी बंद कर दिया गया था.
खेत में पड़ा मिला शव, निचला हिस्सा मिला गायब
बुधवार को मृतक के पिता जब घर के पास स्थित खेत की तरफ गए, तो उन्होंने बाबूलाल का शव क्षत-विक्षत हालत में पड़ा देखा. घटना की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि शव का निचला हिस्सा जानवरों द्वारा खाया जा चुका था. पिता ने बताया कि बेटा चलने-फिरने में पूरी तरह असमर्थ था, ऐसे में उसकी मृत्यु कब और किन परिस्थितियों में हुई, इसका उन्हें कोई अंदाजा नहीं है.
पुलिस ने शुरू की मामले की जांच
घटना की सूचना मिलते ही रामसागड़ा थाना पुलिस मौके पर पहुंची. पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर डूंगरपुर जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया और पोस्टमार्टम कराने के बाद अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सुपुर्द कर दिया. पुलिस ने मर्ग दर्ज कर घटना के वास्तविक कारणों की गहन जांच शुरू कर दी है.

