राजस्थान में एनडीपीएस (NDPS) मामलों में जब्त मादक पदार्थों के निस्तारण को लेकर चलाए जा रहे राज्यव्यापी अभियान के तहत डूंगरपुर जिला पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है. पुलिस ने जिले के चार अलग-अलग मामलों में जब्त कुल 497.410 किलोग्राम मादक पदार्थ को नियमानुसार जलाकर पूरी तरह नष्ट कर दिया है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में नष्ट किए गए इस मादक पदार्थ की अनुमानित कीमत लगभग 1 करोड़ रुपए बताई जा रही है.

भंडारिया घाटा केंद्र पर हुई निस्तारण प्रक्रिया
यह कार्रवाई जिला पुलिस अधीक्षक (SP) मनीष कुमार के कड़े निर्देशों और पर्यवेक्षण में अंजाम दी गई. मादक पदार्थों के निस्तारण की यह पूरी प्रक्रिया शहर के भंडारिया घाटा स्थित कचरा निस्तारण केंद्र पर निर्धारित कानूनी प्रोटोकॉल का पालन करते हुए संपन्न की गई.
कार्यवाही के दौरान पारदर्शिता बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (AASP) खींव सिंह और अपराध सहायक कार्यालय के प्रभारी तेज सिंह विशेष रूप से मौजूद रहे. इसके अलावा संबंधित थाना अधिकारियों और मालखाना प्रभारियों की उपस्थिति में रिकॉर्ड का माल से सूक्ष्मता से मिलान कराया गया.
पारदर्शिता के साथ हुआ माल का मिलान
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मालखानों में लंबे समय से रखे निस्तारण योग्य मादक पदार्थों को चिन्हित कर यह कदम उठाया गया है. आग के हवाले करने से पहले मालखाना प्रभारियों ने पुलिस रिकॉर्ड और जब्त माल का भौतिक सत्यापन किया, ताकि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और संदेह से परे रहे.
एसपी ऑफिस का बयान:
“एनडीपीएस मामलों में जब्त माल का सुरक्षित निस्तारण अत्यंत आवश्यक है. इस राज्यव्यापी अभियान से न केवल थानों के मालखानों को सुरक्षित और व्यवस्थित रखने में मदद मिलेगी, बल्कि अदालती और प्रशासनिक रिकॉर्ड भी अपडेट रहेंगे.”
चुस्त-दुरुस्त होंगे थानों के मालखाने
थानों में वर्षों से पड़े जब्त पदार्थों के कारण मालखानों में जगह की समस्या बनी रहती थी. पुलिस का कहना है कि इस निस्तारण प्रक्रिया के बाद थानों के मालखानों का प्रबंधन बेहतर होगा और कानूनी निस्तारण की गति में भी तेजी आएगी. पुलिस आगे भी इस तरह के अभियानों के जरिए जब्त अवैध पदार्थों का निस्तारण जारी रखेगी.

