डूंगरपुर जिले से एक बड़ी और हैरान कर देने वाली खबर सामने आ रही है, जहाँ शिक्षा के मंदिर में एक बड़ा हादसा हो गया है. वरदा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले राजकीय प्राथमिक विद्यालय ‘मारगिया महूड़ा’ में स्कूल कार्यालय (ऑफिस) की छत का प्लास्टर अचानक भरभराकर गिर गया. इस दर्दनाक हादसे में ऑफिस के भीतर काम कर रहे दो शिक्षक मलबे के नीचे दबकर गंभीर रूप से घायल हो गए हैं. दोनों घायल शिक्षकों को इलाज के लिए डूंगरपुर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

कार्यालय में काम करते समय हुआ हादसा
मिली जानकारी के अनुसार, यह घटना गुरुवार सुबह करीब 10:30 बजे की है. उस समय विद्यालय की शिक्षिका शिल्पा कुमारी रोत और शिक्षक राजकुमार बुनकर कार्यालय में बैठकर रोजमर्रा का शैक्षणिक और प्रशासनिक कार्य निपटा रहे थे. इसी दौरान अचानक छत का भारी-भरकम प्लास्टर टूटकर दोनों के ऊपर आ गिरा. मलबे की चपेट में आने से शिक्षिका शिल्पा कुमारी के पैर और कंधे पर गंभीर चोटें आईं, जबकि शिक्षक राजकुमार बुनकर के सिर और गर्दन पर गहरी चोट लगने के कारण दोनों लहूलुहान हो गए.
मददगारों ने मलबे से निकाला बाहर
छत गिरने की आवाज सुनते ही पूरे स्कूल परिसर में अफरा-तफरी मच गई. इस दौरान मौके पर मौजूद कुक कम हेल्पर कमला रोत, पड़ोसी लता रोत और महिपाल रोत ने तुरंत तत्परता दिखाई. उन्होंने बिना वक्त गंवाए मलबे को हटाया और दोनों घायल शिक्षकों को सुरक्षित बाहर निकाला.
घटना की सूचना तुरंत महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय आंतरी के पीईईओ प्रभारी सुमेर सिंह राठौड़ और प्रवेश जैन को दी गई. सूचना मिलते ही दोनों अधिकारी मौके पर पहुंचे और घायलों को तत्काल आंतरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) ले गए.
जिला अस्पताल में चल रहा है इलाज


आंतरी पीएचसी में डॉक्टरों ने दोनों शिक्षकों को प्राथमिक उपचार दिया, लेकिन उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सकों ने उन्हें डूंगरपुर जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया. वर्तमान में दोनों घायल शिक्षकों का जिला अस्पताल में इलाज जारी है.
स्कूल की जर्जर हालत पर उठे सवाल
इस हादसे ने एक बार फिर सरकारी स्कूलों के बुनियादी ढांचे और उनकी सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं. बताया जा रहा है कि इस विद्यालय में कुल दो ही कमरे हैं, जिनमें से एक कमरे में ऑफिस संचालित हो रहा है. ऐसे जर्जर कमरों में शिक्षकों और बच्चों के बैठने से हर वक्त हादसे का डर बना रहता है. स्थानीय ग्रामीणों ने प्रशासन से स्कूल भवन की मरम्मत करवाने की मांग की है.

